जोधपुर हाईकोर्ट की नई इमारत में निर्माण-खामी: RSRDC के पूर्व अधिकारियों समेत 7 गिरफ़्तार, मुख्य ठेकेदार भी हिरासत में
राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर स्थित नई इमारत में गंभीर निर्माण-खामियों और अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष जांच दल (SIT) की जाँच के बाद सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया…
राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर स्थित नई इमारत में गंभीर निर्माण-खामियों और अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष जांच दल (SIT) की जाँच के बाद सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य निर्माण कंपनी के मालिक को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (RSRDC) के तत्कालीन अधिकारी भी शामिल हैं।
जोधपुर पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की जानकारी दी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह मामला 2019 में सौंपे गए हाईकोर्ट के नए भवन से जुड़ा है, जिसमें बनने के कुछ ही समय बाद कई गंभीर खामियाँ सामने आने लगी थीं। इनमें फॉल्स सीलिंग का गिरना, कोर्टरूम में आग लगना, और इमारत के मुख्य गुंबद व खंभों में दरारें आना शामिल था।
SIT जांच और बड़ी कार्रवाई
भवन की खराब स्थिति को देखते हुए IIT जोधपुर और IIT बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से इसका ऑडिट कराया गया था। इन रिपोर्टों और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने इमारत से नमूने लेकर फोरेंसिक जांच कराई और विशेषज्ञों की राय ली। जांच में निर्माण कंपनी, अग्निशमन प्रणाली लगाने वाली फर्मों और परियोजना की निगरानी करने वाले RSRDC के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस आयुक्त के अनुसार, जांच में अधिकारियों द्वारा आपराधिक विश्वासघात के सबूत मिले हैं।
कई राज्यों में छापेमारी के बाद गिरफ्तारियां
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 12 विशेष और चार साइबर टीमों ने राजस्थान, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में कई जगहों पर छापेमारी की। इस अभियान के बाद 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में RSRDC के तत्कालीन सहायक अभियंता जितेंद्र शर्मा और अजय किशन मुथा, परियोजना प्रबंधक नवीन राय, और वर्तमान में जयपुर में कार्यरत कार्यकारी अभियंता दीपक मित्तल शामिल हैं। इनके अलावा, फायर सेफ्टी सिस्टम से जुड़े रामेश्वर दयाल और गोपाल लाल को भी पकड़ा गया है।
मामले में मुख्य आरोपी और प्रमुख निर्माण कंपनी वीसीएल ग्रुप के मालिक वरिंदर गर्ग को सोमवार देर रात हरिद्वार से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, गर्ग लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और उसकी सूचना देने पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है और जांच में अन्य लोगों के नाम सामने आने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



