होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही: जापानी पीएम और ओमानी सुल्तान के बीच अहम बातचीत
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य में बिना किसी अतिरिक्त लागत के स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर जापान और ओमान के बीच उच्च स्तरीय चर्चा हुई है…
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य में बिना किसी अतिरिक्त लागत के स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को लेकर जापान और ओमान के बीच उच्च स्तरीय चर्चा हुई है। सोमवार को जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के बीच टेलीफोन पर लगभग 20 मिनट तक इस मुद्दे पर बातचीत हुई।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन को जल्द से जल्द बहाल करना था। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, जिससे खाड़ी के प्रमुख उत्पादकों से तेल और गैस का निर्यात होता है।
ईरान और क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा
प्रधानमंत्री तकाइची ने ईरान के आसपास के तनावपूर्ण हालात को कम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, "मैंने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे ईरान के आसपास के हालात एक अहम मोड़ पर पहुंच रहे हैं, यह जरूरी है कि जल्द से जल्द तनाव कम किया जाए और अमेरिका-ईरान के बीच हुए ज्ञापन समझौते के हिसाब से अलग-अलग मुद्दों को लगातार हल किया जाए, जिसमें परमाणु क्षमता का मुद्दा भी शामिल है।"
इसके जवाब में, सुल्तान हैथम ने ईरान के साथ ओमान की बातचीत की मौजूदा स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री तकाइची को जानकारी दी।
जापान का कूटनीतिक प्रयास
जापानी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका देश इस क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए माहौल बनाने की हरसंभव कूटनीतिक कोशिश करता रहेगा। उन्होंने कहा, "मैंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जल्द से जल्द 'बिना किसी अतिरिक्त लागत के स्वतंत्र और सुरक्षित नेविगेशन' को बहाल करना बहुत जरूरी है।"
तकाइची ने यह भी बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने वाले देशों सहित पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ व्यापक चर्चा आवश्यक है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।
इनपुट: IANS



