आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़: अमेरिकी मीडिया ने चीन को बताया बड़ा खिलाड़ी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चीन तेजी से एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। अमेरिकी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि चीनी AI कंपनियां न केवल अमेरिका की शीर्ष प्रयोगशालाओं…
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में चीन तेजी से एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। अमेरिकी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि चीनी AI कंपनियां न केवल अमेरिका की शीर्ष प्रयोगशालाओं के साथ प्रदर्शन के अंतर को कम कर रही हैं, बल्कि कुछ क्षेत्रों में उनसे आगे भी निकल चुकी हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सीएनबीसी के एक लेख में इस विषय पर विस्तार से विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि लागत और प्रतिस्पर्धा के मामले में चीनी AI मॉडल अमेरिकी मॉडलों के मुकाबले एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ओपन-सोर्स AI मॉडल, जिन्हें डाउनलोड, संशोधित और स्वतंत्र रूप से तैनात किया जा सकता है, वे सभी चीन से ही आ रहे हैं।
विकासशील देशों के लिए पहली पसंद
चीन की इस बढ़त का असर वैश्विक स्तर पर दिख सकता है। सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी के प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यक्रम के वरिष्ठ फेलो डैनियल रेमलर ने कहा, "वर्तमान रुझानों के आधार पर, ऐसा लगता है कि विकासशील देशों के लिए चीनी एआई डिफॉल्ट विकल्प बन जाएगा।"
कई क्षेत्रों में चीन को बढ़त
टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल चेंज के प्रौद्योगिकी नीति निदेशक कीगन मैकब्राइड ने भी चीन की क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उनके हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, "रोबोटिक्स, स्वायत्त वाहन और राष्ट्रीय शासन सहित कई क्षेत्रों में जहां एआई का उपयोग किया जाएगा, चीन को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि, "दीर्घकाल में, यदि विनिर्माण, रोबोटिक्स, स्वचालित वैज्ञानिक अवसंरचना और एआई-संचालित राष्ट्रीय कार्रवाई एआई से मूल्य प्राप्त करने के निर्णायक उपाय बन जाते हैं, तो चीन बहुत ही लाभप्रद स्थिति में होगा।"
लेख के विश्लेषण के अनुसार, अब मुख्य सवाल यह है कि क्या अमेरिका तेजी से परिपक्व हो रहे चीनी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का मुकाबला करने के लिए खुद को पर्याप्त तेजी से ढाल सकता है। यह चीनी प्रणाली न केवल मॉडल प्रदर्शन में, बल्कि लागत, तैनाती, अनुकूलन और वैश्विक प्रभाव जैसे कई अन्य मोर्चों पर भी व्यापक रूप से आगे बढ़ रही है।
इनपुट: IANS



