मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब: हमारी शर्तें पूरी होने तक कोई बातचीत नहीं

ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों पर एक बार फिर तेहरान ने अपना रुख़ सख़्ती से साफ़ कर दिया है। ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं…

ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब: हमारी शर्तें पूरी होने तक कोई बातचीत नहीं
(फोटो: IANS)

ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों पर एक बार फिर तेहरान ने अपना रुख़ सख़्ती से साफ़ कर दिया है। ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने यह बयान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक टिप्पणी के जवाब में दिया।

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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा था कि "कमजोर पड़ चुका ईरान जल्दी और बुरी तरह एक समझौता करना चाहता है।" उन्होंने यह भी लिखा था, "अमेरिका बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला मैं करूंगा। हालांकि हम इस विचार के लिए खुले हैं।"

बातचीत पर ईरान का अंतिम फैसला

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति के बदलते बयानों से भ्रमित मत होइए। कभी वे कहते हैं 'कोई बातचीत नहीं होगी' और फिर कहते हैं 'हम बातचीत के लिए तैयार हैं।'" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तेल और समुद्री मार्गों से जुड़े दांव अब बदल चुके हैं और बाद में नुक़सान नियंत्रित करने की कोशिश आने वाली स्थितियों को नहीं रोक पाएगी। रेजाई ने ज़ोर देकर कहा, "जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। बस यही अंतिम बात है।"

पृष्ठभूमि और मौजूदा तनाव

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि 18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम करना था। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर, यानी 17 अगस्त तक, अंतिम समझौते पर पहुंचना था, लेकिन यह समय सीमा बीत चुकी है और हालिया तनाव ने बातचीत के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।

इसी बीच, सोमवार रात को ईरान के दक्षिणी तट के पास ड्रोन हमले में दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। होर्मोजगान प्रांत के एक वरिष्ठ अधिकारी अहमद नफीसी ने बताया कि दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन और लारक द्वीप के पास हुए इस हमले के बाद कई मछुआरे लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान जारी है।

इनपुट: IANS

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