सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल में बाढ़ का कहर: पनबिजली सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारतीय टीम मोर्चे पर

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कई पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए एक भारतीय सुरंग बचाव दल (टनल रेस्क्यू टीम) नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है…

नेपाल में बाढ़ का कहर: पनबिजली सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारतीय टीम मोर्चे पर
(फोटो: IANS)

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कई पनबिजली परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए एक भारतीय सुरंग बचाव दल (टनल रेस्क्यू टीम) नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीम नेपाल सरकार के अनुरोध पर बचाव अभियान में मदद के लिए पहुंची है।

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भारतीय दूतावास ने सोमवार को बताया कि भारतीय दल ने रसुवा जिले के चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं में खोज एवं बचाव अभियान चलाया है। दूतावास के अनुसार, नेपाली सेना के साथ करीबी समन्वय में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सैकड़ों लोग अब भी लापता

बाढ़ का असर काफी व्यापक है और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए हैं। इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल (IPPAN) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कुल 897 लोगों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। IPPAN नेपाल के निजी क्षेत्र के बिजली परियोजना डेवलपर्स का प्रतिनिधि संगठन है। हालांकि, बचाव कार्यों में कुछ सफलता भी मिली है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRRMA) ने बताया कि रविवार को इन परियोजनाओं में फंसे 7 भारतीय और 15 चीनी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जुटे बचाव कार्य में

इस आपदा से निपटने के लिए भारत और चीन दोनों देशों के विशेषज्ञ नेपाल की मदद कर रहे हैं। ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के सचिवालय ने जानकारी दी कि भारतीय टीम ने हेलीकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया है ताकि बचाव अभियान की सटीक योजना बनाई जा सके।

प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने भी रविवार देर रात एक फेसबुक पोस्ट में भारतीय टीम के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारतीय दल ने नेपाली सेना के साथ मिलकर 22 मेगावाट की चिलिमे जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण किया, जिसके बाद पंप और एक्सकेवेटर जैसी भारी मशीनें मौके पर पहुंचाकर बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि, IPPAN के मुताबिक, रविवार को चिलिमे में एक और बाढ़ आने से बचाव कार्य रोकना पड़ा था।

इनपुट: IANS

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