सेमीकंडक्टर हब बनने की राह में भारत का बड़ा कदम, जापानी लॉजिस्टिक्स कंपनी NX ग्रुप से मिलाया हाथ
भारत अपने सेमीकंडक्टर मिशन को रफ्तार देने के लिए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में, सरकार समर्थित इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) ने जापान की दिग्गज लॉजिस्टिक्स कंपनी निप्पॉन…
भारत अपने सेमीकंडक्टर मिशन को रफ्तार देने के लिए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में, सरकार समर्थित इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) ने जापान की दिग्गज लॉजिस्टिक्स कंपनी निप्पॉन एक्सप्रेस (NX) ग्रुप के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक मजबूत और विशेषीकृत लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन का ढाँचा तैयार करना है।
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान हुए इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत, दोनों पक्ष सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की ज़रूरतों, बुनियादी ढाँचे और सप्लाई चेन को मज़बूत करने जैसे विषयों पर नियमित रूप से जानकारी साझा करेंगे और चर्चा करेंगे।
क्यों अहम है यह साझेदारी?
सेमीकंडक्टर उद्योग बेहद जटिल होता है, जिसमें विशेष उपकरणों, कलपुर्जों और कच्चे माल की सुरक्षित और समय पर आवाजाही की ज़रूरत पड़ती है। इसके लिए अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन व्यवस्था अनिवार्य है। यह समझौता भारत की चिप विनिर्माण क्षमता को एक ठोस आधार प्रदान करेगा, जिससे निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और वैश्विक बाजारों के बीच एक सहज जुड़ाव स्थापित हो सकेगा।
एक वैश्विक चिप सम्मेलन के दौरान एनएक्स ग्रुप ने अपनी एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवाओं का प्रदर्शन भी किया था। इनमें हवाई और समुद्री माल ढुलाई, कस्टम क्लीयरेंस, वेयरहाउसिंग, घरेलू परिवहन से लेकर फैक्ट्री तक डिलीवरी और इंस्टॉलेशन सपोर्ट जैसी सेवाएँ शामिल हैं।
सरकार की सेमीकॉन 2.0 पहल को मिलेगी मजबूती
एनएक्स ग्रुप ने कहा कि सेमीकंडक्टर लॉजिस्टिक्स में उसका वैश्विक अनुभव और नेटवर्क भारत सरकार की 'सेमीकॉन 2.0' पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। कंपनी के प्रतिनिधि कोबायाशी के अनुसार, उनका समूह सिर्फ परिवहन सेवाएँ ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सप्लाई चेन प्रबंधन के लिए एकीकृत समाधान प्रदान करता है और भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी भारत को एक रणनीतिक विकास केंद्र और अपनी दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार मानती है।
गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत देश में कम से कम 200 चिप डिजाइन कंपनियाँ सामने आई हैं, जो घरेलू बौद्धिक संपदा के विकास में एक 'गेम चेंजर' साबित हो रही हैं।
इनपुट: IANS



