रेलवे, ड्रोन और खनन: भारत और रूस ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई
भारत और रूस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देते हुए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
भारत और रूस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देते हुए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने रेलवे परिवहन, ड्रोन टेक्नोलॉजी, विमान निर्माण और दुर्लभ खनिजों जैसे अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
यह अहम चर्चा भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के तहत 'आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग' पर बने कार्य समूह की 12वीं बैठक के दौरान हुई। वाणिज्य भवन में आयोजित इस सत्र में लगभग 60 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें भारतीय पक्ष का नेतृत्व उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने किया, जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल की सह-अध्यक्षता वहां के उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने की।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र
बैठक में कई रणनीतिक विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई। रेलवे क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेन परियोजना, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशी गईं। इसके अलावा, मानव रहित हवाई वाहन (UAV) यानी ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
एयरोस्पेस सेक्टर में रूस के SJ-100 क्षेत्रीय यात्री विमान के उत्पादन में सहयोग पर विशेष चर्चा हुई। यह एक नैरो-बॉडी जेट विमान है, जिसकी क्षमता लगभग 103 यात्रियों की है। साथ ही, एयरो-इंजन और कार्बन फाइबर तकनीक से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई।
खनिज, उर्वरक और औद्योगिकीकरण
महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों (Critical and Rare Earth Elements) का क्षेत्र सहयोग का एक अन्य प्रमुख केंद्र बिंदु रहा। बैठक में लिथियम खनन, टाइटेनियम तकनीक, एल्यूमीनियम क्षेत्र और खनन उपकरणों के निर्माण में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अलावा, औद्योगिक स्वचालन (ऑटोमेशन) और डीएपी व एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
इनपुट: IANS



