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IIT खड़गपुर ने पहली ही कोशिश में वैश्विक एयरोनॉटिक्स प्रतियोगिता में लहराया परचम, एशिया में 5वीं रैंक

अमेरिका में आयोजित एक प्रतिष्ठित एयरोनॉटिक्स प्रतियोगिता में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के छात्रों ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की है। सिर्फ चार महीनों की मेहनत से…

IIT खड़गपुर ने पहली ही कोशिश में वैश्विक एयरोनॉटिक्स प्रतियोगिता में लहराया परचम, एशिया में 5वीं रैंक
(फोटो: IANS)

अमेरिका में आयोजित एक प्रतिष्ठित एयरोनॉटिक्स प्रतियोगिता में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के छात्रों ने अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की है। सिर्फ चार महीनों की मेहनत से तैयार किए गए एक एयरक्राफ्ट के दम पर टीम ने दुनिया भर में 39वां और एशिया में 5वां स्थान हासिल किया, जबकि सभी भारतीय टीमों में उसका स्कोर सबसे ज़्यादा रहा।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रतियोगिता अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स (AIAA) द्वारा अमेरिका के विचिटा, कंसास में आयोजित की गई थी। 'डिज़ाइन/बिल्ड/फ्लाई' नाम की इस स्पर्धा में IIT खड़गपुर के 21 छात्रों की टीम ने पहली बार हिस्सा लिया और एक संपूर्ण विमान को डिज़ाइन करने से लेकर उसे सफलतापूर्वक उड़ाने तक का सफ़र तय किया।

कड़ी प्रतिस्पर्धा और मिशन की चुनौतियाँ

इस साल प्रतियोगिता का 30वां संस्करण था और इसका विषय 'बैनर टोइंग बुश प्लेन' रखा गया था। इसमें 12 देशों के 98 विश्वविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें 1,179 छात्र शामिल थे। प्रतियोगिता में विमानों को कई मिशन पूरे करने थे, जिसमें एक ग्राउंड मिशन और तीन उड़ान मिशन शामिल थे।

इन मिशनों में शामिल थे:

  • पहला मिशन (टेस्ट फ्लाइट): विमान को पांच मिनट के भीतर तीन चक्कर पूरे करने थे।
  • दूसरा मिशन (चार्टर फ्लाइट): यात्रियों (रबर डक) और कार्गो (हॉकी पक) को ले जाने की क्षमता के आधार पर स्कोर दिया गया।
  • तीसरा मिशन (बैनर फ्लाइट): एक बैनर खींचते हुए उड़ान भरनी थी, जिसमें बैनर की लंबाई और लगाए गए चक्करों के आधार पर अंक मिले।

कुल 89 टीमों ने प्रतियोगिता में उड़ान भरी, जिनमें से 73 ने कम से कम एक सफल उड़ान का स्कोर हासिल किया।

संस्थान का सहयोग और भविष्य की दिशा

IIT खड़गपुर ने इस उपलब्धि का श्रेय एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग, एरियल रोबोटिक्स खड़गपुर (ARK) लैब के मजबूत समर्थन और प्रोफेसर अर्नब रॉय, अनूप घोष, नाबा कुमार पेयाडा, संदीप साहा और सोमेश कुमार जैसे मेंटर्स के मार्गदर्शन को दिया है। संस्थान ने कहा, "यह सिर्फ एक रैंकिंग नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे मुश्किल छात्र विमान डिजाइन प्रतियोगिताओं में आईआईटी खड़गपुर की पहली छाप है।"

इस प्रतियोगिता में पहला स्थान स्लोवेनिया की यूनिवर्सिटी ऑफ ल्युब्लियाना को मिला, जबकि यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन-सिएटल दूसरे और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स तीसरे स्थान पर रही।

इनपुट: IANS

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