बुधवार, 2 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में होंगे राजकीय समारोह, 27 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी

बिहार सरकार ने स्वतंत्रता आंदोलन के दो महानायकों, शहीद रामफल मंडल और पंडित राजकुमार शुक्ल, को विशेष सम्मान देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की…

बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में होंगे राजकीय समारोह, 27 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
(फोटो: IANS)

बिहार सरकार ने स्वतंत्रता आंदोलन के दो महानायकों, शहीद रामफल मंडल और पंडित राजकुमार शुक्ल, को विशेष सम्मान देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह तय किया गया कि दोनों की स्मृति में हर साल 23 अगस्त को राजकीय समारोह आयोजित किए जाएंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी विकास, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई अहम योजनाएं शामिल हैं।

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मंत्रिपरिषद के फैसले के अनुसार, भारत छोड़ो आंदोलन के शहीद रामफल मंडल का शहादत दिवस अब हर साल 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा। इसी तरह, चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार रहे पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती भी इसी तारीख को पश्चिमी चंपारण जिले में राजकीय स्तर पर मनाई जाएगी।

शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को गति

शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। राज्य के सभी नगर निकायों को 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 9,169 करोड़ रुपए का अनुदान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही 'मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना' की अवधि भी 2030-31 तक बढ़ा दी गई है। सड़क निर्माण के क्षेत्र में, पटना के नेहरू पथ के चौड़ीकरण के लिए 39.80 करोड़ रुपए और सीतामढ़ी में एक रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए 110.42 करोड़ रुपए की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

शिक्षा, पशुपालन और अन्य अहम फैसले

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार विद्यार्थी क्रेडिट कार्ड योजना' को 2030-31 तक विस्तार दिया गया है, जिसके तहत चार लाख रुपए तक के शिक्षा ऋण की व्यवस्था जारी रहेगी। पशुपालन के क्षेत्र में, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बछिया-पाड़ी पालन केंद्रों की स्थापना के लिए 73.48 करोड़ रुपए की परियोजना को हरी झंडी मिली। साथ ही, राज्य स्तरीय मत्स्य सहकारी परिसंघ के गठन के लिए 14.79 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई।

इनके अलावा, कैबिनेट ने कुछ अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई:

  • बिहार और पटना संग्रहालय के रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपए का सहायक अनुदान।
  • बेगूसराय में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास।
  • अरवल में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए भूमि हस्तांतरण।
  • पूर्णिया और गया में 50-50 की क्षमता वाले दो नए आसरा गृह का संचालन।
  • ई-कैबिनेट व्यवस्था लागू करने के लिए 2.75 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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