चीन में 'डॉल्फिन' तूफान का कहर: लाखों लोग सुरक्षित निकाले गए, बीजिंग में भी भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी चीन के कई प्रांतों में 'डॉल्फिन' तूफान के कारण भारी तबाही हुई है, जिससे लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान भले ही कमजोर पड़ गया…
पूर्वी चीन के कई प्रांतों में 'डॉल्फिन' तूफान के कारण भारी तबाही हुई है, जिससे लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन अधिकारियों ने खतरा टलने से इनकार किया है और कई इलाकों में अलर्ट जारी रखा है।
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NMC) ने बताया कि यह इस साल का 13वां तूफान है। डॉल्फिन रविवार को झेजियांग प्रांत के तट से दो बार टकराया और अब यह देश के भीतरी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 10 से अधिक प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका है।
बड़े पैमाने पर लोगों का बचाव
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बचाव अभियान के तहत सोमवार सुबह 7 बजे तक अकेले फुजियान प्रांत में ही कमजोर इलाकों से करीब 1,67,900 लोगों को निकाला गया। वहीं, रविवार देर रात तक शंघाई से लगभग 2,15,600 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया था। फुजियान के निंगडे और नानपिंग जैसे शहरों में सोमवार को भी भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया, जबकि कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश की संभावना है।
यातायात और पर्यटन पर असर
तूफान ने परिवहन और पर्यटन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। फुजियान में 686 सड़क यात्री मार्गों और 658 ट्रेन सेवाओं को रोकना पड़ा। इसके अलावा, 234 प्रमुख पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया और दर्जनों सांस्कृतिक व पर्यटन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। शंघाई में भारी बारिश के कारण लेगोलैंड शंघाई रिजॉर्ट को सोमवार दोपहर अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
राजधानी बीजिंग में भी चेतावनी
तूफान का असर चीन की राजधानी बीजिंग तक पहुँच गया है। स्थानीय मौसम विज्ञान ऑब्जर्वेटरी ने सोमवार सुबह ऑरेंज रेनस्टॉर्म अलर्ट जारी किया। अनुमान है कि डॉल्फिन के आसपास की गर्म हवा और ठंडी हवा के मिलने से मंगलवार शाम से गुरुवार तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए शहर में लेवल-II बाढ़ नियंत्रण आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू करने की योजना है और निवासियों को नदियों तथा पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



