सोमवार, 10 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान रक्षा समझौता: ईरान ने बताया 'अमेरिका विरोधी' सोच का संकेत

हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए एक अहम रक्षा समझौते को ईरान ने अमेरिका के खिलाफ एक बड़े बदलाव का संकेत माना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि इस…

सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान रक्षा समझौता: ईरान ने बताया 'अमेरिका विरोधी' सोच का संकेत
(फोटो: IANS)

हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए एक अहम रक्षा समझौते को ईरान ने अमेरिका के खिलाफ एक बड़े बदलाव का संकेत माना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि इस क्षेत्र के देश अब यह समझने लगे हैं कि सुरक्षा के लिए बाहरी ताकतों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

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सोमवार को एक साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह डेवलपमेंट इस बात का एक संकेत है कि इस इलाके के देश इस नतीजे पर पहुंच गए हैं कि वे यूनाइटेड स्टेट्स और इलाके के बाहर के कुछ दूसरे देशों की ओर से दिए गए सिक्योरिटी के दावे पर भरोसा नहीं कर सकते, और वे अपनी काबिलियत और नजरिए पर भरोसा करके दूसरा तरीका आजमाने की कोशिश कर रहे हैं।”

समझौते की अहमियत

शुक्रवार को हस्ताक्षरित इस समझौते को 'मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट' नाम दिया गया है। तीनों देशों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य सैन्य और रणनीतिक गठजोड़ को एक नए स्तर पर ले जाना है। इस समझौते के तहत तीनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे, खुफिया जानकारी साझा करेंगे और सुरक्षा तालमेल को और मजबूत बनाएंगे।

ईरान का नजरिया

बाघेई ने जोर देकर कहा कि ईरान को इस समझौते से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि इन देशों के साथ उसके गहरे धार्मिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। उन्होंने आगे कहा, “कोई भी योजना जो इस इलाके की भू राजनीतिक और क्षेत्र की ऐतिहासिक वास्तविकताओं पर आधारित हो वो व्यापक और समावेशी है।” प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन साल के हालात ने दिखाया है कि सुरक्षा किसी 'फर्जी मध्यस्थ' के जरिए हासिल नहीं की जा सकती।

जब उनसे पाकिस्तानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के पाकिस्तान दौरे के निमंत्रण के बारे में पूछा गया, तो बाघेई ने जवाब दिया कि यह यात्रा “सही समय आने पर होगी।”

इनपुट: IANS

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