राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय: माउंट आबू में 8 इंच बारिश, जोधपुर में जलभराव, कई जिलों के लिए अलर्ट जारी
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर ज़ोर पकड़ लिया है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते जोधपुर शहर की कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सामान्य…
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर ज़ोर पकड़ लिया है, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते जोधपुर शहर की कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज़्यादा बारिश सिरोही जिले के माउंट आबू में दर्ज की गई, जहाँ 195 मिलीमीटर (करीब 8 इंच) पानी बरसा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 जुलाई तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी, जिसके बाद 28 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है।
इन इलाकों में हुई भारी बारिश
शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, माउंट आबू (सिरोही) में 195 मिमी, जवाई (पाली) में 97 मिमी, बापिनी (जोधपुर) में 81 मिमी, करणपुर (श्रीगंगानगर) में 66 मिमी और कल्याणपुर (बाड़मेर) में 57 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा अजमेर, राजसमंद और बालोतरा के कई इलाकों में भी उल्लेखनीय वर्षा दर्ज की गई।
जलस्रोतों में सुधार, पर असमान वितरण की चिंता
देरी से आए मानसून और बीच में लंबे सूखे के दौर के बाद, हाल की बारिश ने राज्य में पानी की स्थिति में काफी सुधार किया है। 2 जुलाई से अब तक 40 से ज़्यादा सूखे बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई है। दौसा का मोरेल बांध और टोंक का मानसागर बांध पूरी क्षमता से भर चुके हैं।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो दिनों तक उदयपुर और जोधपुर संभागों में मानसून विशेष रूप से सक्रिय रहेगा, जहाँ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, इस राहत के बावजूद बारिश का असमान वितरण एक चिंता का विषय बना हुआ है। इस मौसम में अब तक केवल पांच जिलों में ही सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, जबकि 12 जिलों में यह कम है और 27 जिलों में औसत से भी कम दर्ज की गई है।
इनपुट: IANS



