बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की सेहत के लिए 'समृद्धि' योजना, सीएम नायब सैनी ने की घोषणा

हरियाणा सरकार ने राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को 'समृद्धि' योजना लागू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला…

हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की सेहत के लिए 'समृद्धि' योजना, सीएम नायब सैनी ने की घोषणा
(फोटो: IANS)

हरियाणा सरकार ने राज्य में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को 'समृद्धि' योजना लागू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के केंद्र में एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली होगी।

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इस प्रणाली के तहत, राज्य की हर गर्भवती महिला का एक पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें एक विशेष पहचान संख्या (unique ID) दी जाएगी, जिसके माध्यम से गर्भावस्था, प्रसव और उसके बाद की पूरी अवधि के दौरान उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाएगी। यह डिजिटल रिकॉर्ड सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज करा रही महिलाओं के लिए उपलब्ध होगा।

कैसे काम करेगी 'समृद्धि' योजना?

इस योजना में तीन प्रमुख घटक शामिल हैं — 'समृद्धि' पोर्टल, एक राज्य-स्तरीय कमांड सेंटर और '102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर'। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन तीनों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। यह एकीकृत व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, उच्च-जोखिम (high-risk) वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान करने और जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तत्काल बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में भेजने में मदद करेगी।

योजना के तहत, एएनएम, डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी जांच, डिलीवरी की संभावित तारीख और अन्य सेवाओं के बारे में समय पर अलर्ट मिलते रहेंगे।

स्वास्थ्य निगरानी और कॉल सेंटर

अधिकारियों के अनुसार, सामान्य गर्भावस्था वाली महिलाओं से हर तीन महीने में संपर्क किया जाएगा, जबकि उच्च-जोखिम वाली महिलाओं की निगरानी अधिक गहनता से होगी। प्रसव की तारीख नजदीक आने पर संपर्क की frequência और बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य स्तर पर स्थापित होने वाले '102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर' में प्रशिक्षित नर्सें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सलाह देंगी। यदि कॉल पर किसी महिला में उच्च-जोखिम की स्थिति का पता चलता है, तो यह जानकारी तुरंत कमांड सेंटर और 'समृद्धि' पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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