गुजरात: अब आग लगने पर भी '112' पर मिलेगी मदद, देश में पहली बार चार आपातकालीन सेवाएं एक ही नंबर से जुड़ीं
गुजरात में अब आग लगने जैसी आपात स्थिति के लिए भी 101 की जगह एक ही इमरजेंसी नंबर '112' काम करेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने अपनी अग्निशमन सेवाओं को 'डायल 112' प्लेटफॉर्म के सा…
गुजरात में अब आग लगने जैसी आपात स्थिति के लिए भी 101 की जगह एक ही इमरजेंसी नंबर '112' काम करेगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने अपनी अग्निशमन सेवाओं को 'डायल 112' प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत कर दिया है। इस कदम के साथ ही गुजरात देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां चार प्रमुख आपातकालीन सेवाएं — पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन व बचाव, और महिला एवं बाल आपातकालीन सेवाएं — एक ही सिस्टम के तहत आ गई हैं।
राज्य में एक एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र बनाने के लक्ष्य से 'डायल 112' सेवा 31 अगस्त, 2025 को शुरू की गई थी। पुलिस सेवा को पहले ही एक पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से इसमें शामिल कर लिया गया था।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
पहले आग लगने की सूचना देने के लिए नागरिक 101 पर कॉल करते थे, जिसे शहर के कंट्रोल रूम से मैन्युअल रूप से संबंधित फायर स्टेशन तक पहुंचाया जाता था। इस प्रक्रिया में देरी की आशंका बनी रहती थी।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अब नई व्यवस्था के तहत आग लगने की सूचना देने के लिए 112 पर की गई कॉल सीधे राज्य के मुख्य कंट्रोल रूम में पहुंचेगी। यह सिस्टम घटना का विवरण और डिजिटल लोकेशन दर्ज करके निकटतम फायर टेंडर की पहचान करेगा और मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) के ज़रिए सीधे उस वाहन को भेज देगा।
आधुनिक तकनीक से लैस वाहन
इस एकीकरण के पहले चरण को छह नगर निगमों — अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, जामनगर, गांधीनगर और भावनगर — में लागू किया जा रहा है। इसके लिए कुल 237 अग्निशमन और बचाव वाहनों को GPS और MDT उपकरणों से लैस किया गया है।
MDT की मदद से अग्निशमन कर्मी न केवल रियल-टाइम में अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि घटना स्थल तक पहुंचने के लिए नक्शे का उपयोग भी कर सकते हैं। यह तकनीक कंट्रोल रूम और फील्ड टीम के बीच पुराने वॉयस-आधारित संवाद पर निर्भरता कम करेगी, जिससे प्रतिक्रिया समय बेहतर होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से घटना की शुरुआत से लेकर उसके समापन तक एक व्यवस्थित रिकॉर्ड भी तैयार होगा, जिसका विश्लेषण भविष्य की योजनाओं के लिए किया जाएगा।
इनपुट: IANS



