गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

चुनाव चिन्ह 'लिफाफा' पर विवाद: कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया

पश्चिम बंगाल में चुनाव चिन्हों के आवंटन को लेकर एक अहम विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। अदालत ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से उस फैसले पर एक रिपोर्ट मांगी है, जिसके तह…

चुनाव चिन्ह 'लिफाफा' पर विवाद: कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल में चुनाव चिन्हों के आवंटन को लेकर एक अहम विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया है। अदालत ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से उस फैसले पर एक रिपोर्ट मांगी है, जिसके तहत 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को आवंटित कर दिया गया था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) ने आयोग के इस फैसले को अदालत में चुनौती दी है, जिसके बाद जस्टिस कृष्णा राव की पीठ ने यह आदेश जारी किया।

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मामले की जड़ में निर्वाचन आयोग का वह हालिया फैसला है, जिसमें ऋतब्रत बनर्जी के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम के साथ 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह दिया गया। वहीं, AISF को 'अलमारी' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। यह बदलाव AISF नेतृत्व, खासकर पार्टी के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी को नागवार गुजरा।

क्यों है 'लिफाफा' चिन्ह पर आपत्ति?

नौशाद सिद्दीकी के लिए 'लिफाफा' चिन्ह सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान से जुड़ा है। उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर विधानसभा सीट से इसी चिन्ह पर 2021 और फिर 2026 में चुनाव लड़ा और दोनों बार जीत हासिल की। यही वजह है कि उन्होंने पहले निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई और फिर न्याय के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अन्य दलों को भी मिले नए चिन्ह

AISF अकेली पार्टी नहीं है जिसे नया चुनाव चिन्ह मिला है। हुमायूं कबीर द्वारा स्थापित आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को भी उनके पुराने 'सीटी' चिन्ह की जगह 'टेबल' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। कबीर ने इसी साल मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 'सीटी' चिन्ह से ही जीत दर्ज की थी। हालांकि, उन्होंने इस बदलाव पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।

आगामी उपचुनाव और सुनवाई

इस मामले पर जस्टिस कृष्णा राव की पीठ में गुरुवार को फिर से सुनवाई होगी। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में उपचुनाव होने वाले हैं। AISF पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम सीट से चुनाव मैदान में है, जबकि AJUP रेजीनगर सीट पर उपचुनाव लड़ रही है। इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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