LAC पर चीनी सेना घटी? रक्षा मंत्रालय के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, मांगी पारदर्शिता
रक्षा मंत्रालय की एक वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों की तैनाती में "उल्लेखनीय कमी" आई है। समाचार एजेंसी IANS के…
रक्षा मंत्रालय की एक वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों की तैनाती में "उल्लेखनीय कमी" आई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने सरकार से इस मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की है और कई सवाल उठाए हैं। पार्टी का मानना है कि दोनों देशों के बीच विवादों का हल केवल निरंतर संवाद और आपसी विश्वास से ही संभव है।
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, भारत द्वारा एलएसी और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में 10 ब्रिगेड स्तर की सैन्य टुकड़ियां तैनात किए जाने के बाद चीन की तरफ से यह कमी देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना की तैनाती मजबूत और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 2025 में तैनात की गई इन ब्रिगेडों में पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयां, तोपखाना और वायु रक्षा इकाइयां शामिल थीं, जो स्वतंत्र रूप से ऑपरेशन करने में सक्षम हैं।
कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल
रक्षा मंत्रालय के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मई 2020 से पहले की गश्त व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या भारतीय जवान अब भी उन गश्ती बिंदुओं तक पहुंच पा रहे हैं, जहां वे पहले जाते थे। उन्होंने सवाल किया, "क्या सीमा पर पहले जैसी स्थिति बहाल हुई है या नहीं?" खेड़ा ने रक्षा मंत्री और गृह मंत्री से इन सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
"जटिल हैं भारत-चीन संबंध"
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भारत और चीन के संबंधों को जटिल बताया, जिसमें व्यापार, सीमा विवाद और सुरक्षा जैसे कई पहलू शामिल हैं। IANS से बातचीत में उन्होंने कहा, "भारत और चीन के रिश्ते कई स्तरों पर आधारित हैं। हमारे बीच व्यापारिक संबंध हैं, सीमा विवाद हैं और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं। इन सभी मुद्दों को केवल लगातार संवाद के जरिए ही सुलझाया जा सकता है।"
चिदंबरम ने सरकार के दावे पर पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि अगर चीनी सैनिकों की तैनाती कम हुई है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि वास्तव में कितनी कमी आई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या भारतीय क्षेत्र में कोई घुसपैठ हुई है या चीन की ओर से कोई नया सैन्य निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा, "सरकार जब ऐसे दावे करती है तो उसे पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य भी सामने रखने चाहिए, हालांकि संवाद का स्वागत है और लगातार बातचीत से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा।"
इनपुट: IANS



