मराठा आरक्षण: मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने कहा — सिर्फ हस्ताक्षर नहीं, कानूनी तौर पर टिकने वाला समाधान जरूरी
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बीच, राज्य के लोक निर्माण मंत्री और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया…
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बीच, राज्य के लोक निर्माण मंत्री और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह मसला केवल छत्रपति परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर कर देने से हल नहीं होगा, बल्कि इसके लिए एक मजबूत कानूनी ढाँचे की आवश्यकता है जो न्यायिक जाँच में टिक सके। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, उन्होंने सोमवार को सतारा में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही।
मंत्री ने मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जारांगे-पाटिल से भी धैर्य रखने और सरकार की कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती। भोसले के अनुसार, सरकार एक ऐसा स्थायी आरक्षण सुनिश्चित करना चाहती है, जिसे बाद में अदालत में चुनौती न दी जा सके।
कानूनी प्रक्रिया पर जोर
शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने इस बात पर जोर दिया कि आरक्षण को टिकाऊ बनाने के लिए सभी जरूरी सबूत इकट्ठा करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "इस पूरी प्रक्रिया को जस्टिस शिंदे कमेटी के काम, रिटायर्ड जजों की सलाह और न्यायिक जांच से गुजरना होगा। यह सच्चाई समझनी होगी कि यह मामला रातों-रात हल नहीं होगा, सिर्फ इसलिए कि छत्रपति परिवार का कोई व्यक्ति इस पर साइन कर दे।"
मंत्री ने आंदोलनकारियों से आग्रह किया कि वे प्रशासन का सहयोग करें ताकि मराठा समुदाय को अधिकार के तौर पर स्थायी आरक्षण मिल सके।
मनोज जारांगे-पाटिल का कड़ा रुख
मंत्री भोसले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मनोज जारांगे-पाटिल ने 19 सितंबर से मुंबई में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया है। जारांगे-पाटिल ने अपने तेवर कड़े रखते हुए समुदाय से मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, "हम मराठा समुदाय को हारने नहीं दे सकते... मैं सड़-गलकर मरना नहीं चाहता; मैं अपने समुदाय को अधिकार दिलाते हुए मरना चाहता हूं।" जारांगे-पाटिल ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आंदोलन को दबाने के लिए राजनीतिक चाल चलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने समुदाय को आगाह करते हुए कहा, "हमें देवेंद्र फडणवीस की हर चाल का मुक़ाबला करना होगा... जो हमें आरक्षण देगा, उसे ही वोट दें।" उन्होंने 5.5 करोड़ कामकाजी मराठों की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि वे जब चाहें मुंबई को ठप कर सकते हैं।
इनपुट: IANS



