सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

समान नागरिक संहिता पर अमित शाह के बयान से बिहार NDA में मतभेद, जदयू और लोजपा ने उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर हिंदुस्तानी…

समान नागरिक संहिता पर अमित शाह के बयान से बिहार NDA में मतभेद, जदयू और लोजपा ने उठाए सवाल
(फोटो: IANS)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (JDU) ने बिहार में इसे लागू करने का साफ विरोध किया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी इस पर व्यापक चर्चा की मांग की है।

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दरअसल, समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले सभी 21 एनडीए-शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात कही थी। इसी बयान ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, जहाँ भाजपा, जदयू, हम और लोजपा (रामविलास) मिलकर सरकार चला रहे हैं।

सहयोगी दलों के अलग-अलग सुर

जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने सोमवार को पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि बिहार में यूसीसी किसी भी हालत में लागू नहीं होगा। उन्होंने याद दिलाया कि जब यह विधेयक संसद में पारित हो रहा था, तब भी जदयू ने इसका समर्थन तो किया था, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया था कि इसे बिहार में लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह केवल भाजपा की सरकार नहीं है, बल्कि कई सहयोगी दलों का गठबंधन है।"

दूसरी तरफ, बिहार सरकार में मंत्री और 'हम' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने अमित शाह के बयान का स्वागत किया। उन्होंने इसे समानता, न्याय और नागरिकों के समान अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस पर कोई भी निर्णय गठबंधन के सभी दलों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। डॉ. सुमन ने कहा, "गृह मंत्री ने इस विषय पर बात कही है तो निश्चित तौर पर इसमें कोई अच्छी बात होगी।"

व्यापक विचार-विमर्श की मांग

इस मुद्दे पर एक और महत्वपूर्ण सहयोगी, लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सधा हुआ रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना विविधतापूर्ण है और विभिन्न वर्गों की अपनी परंपराएं हैं। चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी यूसीसी का मसौदा सार्वजनिक होने, सभी पक्षों के हितों का आकलन करने और एक व्यापक चर्चा के बाद ही अपना अंतिम मत रखेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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