जादवपुर यूनिवर्सिटी: ABVP की रैली से पहले कोलकाता पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, जांच समिति पर भी अनिश्चितता
कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास सोमवार को होने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की एक रैली को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह रैली…
कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास सोमवार को होने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की एक रैली को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह रैली यूनिवर्सिटी में कथित 'राष्ट्र-विरोधी वामपंथी गतिविधियों' को खत्म करने की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है, जिसके चलते किसी भी तनाव की आशंका को टालने के लिए पुलिस एहतियाती कदम उठा रही है।
यह रैली दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया क्रॉसिंग से शुरू होकर जादवपुर 8बी बस स्टैंड पर समाप्त होगी, और इसका रास्ता यूनिवर्सिटी कैंपस के पास से होकर गुज़रेगा। हालांकि, ABVP के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा और उनका कैंपस में घुसने का कोई इरादा नहीं है।
क्यों बना है तनाव का माहौल?
यह सुरक्षा व्यवस्था पिछले हफ्ते ABVP और CPI(M) के छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ताओं के बीच हुई दो झड़पों के बाद की गई है। इन झड़पों में दोनों पक्षों के कई छात्र घायल हो गए थे। इन्हीं घटनाओं की जांच के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन अब उसके भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन सदस्यीय जांच समिति के प्रमुख और नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति शुभा शंकर सरकार ने ईमेल के ज़रिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचित किया है कि वह इस समिति का नेतृत्व करने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बाद से समिति को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
जांच समिति के सामने दो विकल्प
इस समिति में शुभा शंकर सरकार के अलावा बाबासाहेब अंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी के कुलपति अरुणाशीष गोस्वामी और प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के IQAC निदेशक सौमेंदु चट्टोपाध्याय शामिल थे। अब जादवपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास दो रास्ते हैं: या तो वह सरकार की जगह किसी नए प्रमुख को नियुक्त करे या फिर नए सदस्यों के साथ एक पूरी तरह नई समिति का ऐलान करे। इस बारे में सोमवार को कोई घोषणा होने की संभावना है।
गौरतलब है कि जादवपुर यूनिवर्सिटी लंबे समय से वामपंथी छात्र संगठनों का एक मजबूत गढ़ रहा है, ठीक वैसे ही जैसे दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) है।
इनपुट: IANS



