बांग्लादेश: एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या, नशीली दवा लेने से रोकने पर किया गया था मर्डर
बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन युवकों ने एक रिटायर्ड स्कूल शिक्षक के घर…
बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन युवकों ने एक रिटायर्ड स्कूल शिक्षक के घर की छत पर नशीली दवा 'याबा' लेने से रोके जाने पर पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय सिद्धार्थ दास और 19 वर्षीय मुग्धा दास के रूप में हुई है। उन्हें शहर के दखिगंज श्मशान घाट से हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना को लूटपाट का रूप देने के लिए आरोपियों ने घर में तोड़-फोड़ भी की थी।
हत्याकांड की पूरी कहानी
यह घटना 20 अगस्त की है, लेकिन परिवार के चारों सदस्यों के शव दो दिन बाद, शनिवार रात को बरामद किए गए। मृतकों में रंगपुर जिला स्कूल के 65 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थि और 12 वर्षीय बेटा प्रियम चक्रवर्ती शामिल हैं।
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबुद ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुरुवार देर रात आरोपी गणपति के घर की छत पर याबा (मेथामफेटामाइन युक्त नशीला पदार्थ) ले रहे थे। आवाज सुनकर शिक्षक छत पर गए और उन्हें ऐसा करने से रोका। इसके बाद आरोपियों ने तौलिए से उनका गला घोंट दिया।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, पति की चीख सुनकर पत्नी प्रीतिलता और बेटी प्रार्थि भी छत पर पहुंचीं, जहां आरोपियों ने उन दोनों का भी गला घोंट दिया। इसके बाद वे घर के अंदर गए और दंपति के बेटे प्रियम की भी उसी तरह हत्या कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी शुक्रवार सुबह तक घर के अंदर ही रहे, बाथरूम का इस्तेमाल किया, मेज से खजूर खाए और फिर से याबा का सेवन किया। उन्होंने फिंगरप्रिंट मिटाने के लिए गणपति और प्रीतिलता के मोबाइल फोन वॉशिंग पाउडर के घोल में डुबो दिए थे।
न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन
इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में रविवार को रंगपुर जिला स्कूल के सैकड़ों छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और मौत की सजा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन कार्यालयों तक मार्च निकाला और ज्ञापन सौंपे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर मानव श्रृंखला भी बनाई। वहीं, अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन 'बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद' ने भी इस हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
इनपुट: IANS



