सोमवार, 24 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बैंकों में 5-दिन का हफ़्ता और पेंशन: मांगों को लेकर यूनियनें हड़ताल पर, सितंबर-अक्टूबर में कामकाज ठप होने की आशंका

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त मंच, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक…

बैंकों में 5-दिन का हफ़्ता और पेंशन: मांगों को लेकर यूनियनें हड़ताल पर, सितंबर-अक्टूबर में कामकाज ठप होने की आशंका
(फोटो: IANS)

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त मंच, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यूनियनों ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। यदि मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो यूनियनें आगे और भी कड़े कदम उठाने की तैयारी में हैं।

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यूनाइटेड फोरम, जिसमें नौ प्रमुख बैंक संगठन शामिल हैं, ने चेतावनी दी है कि 11 सितंबर की हड़ताल के बाद 28 सितंबर से तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी अगर बात नहीं बनी तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की योजना है। रविवार को हुई संगठन की बैठक में यह निर्णय लिया गया, क्योंकि यूनियनों का मानना है कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की ओर से उनकी मांगों पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

हफ्ते में 5 दिन काम की मांग क्यों?

बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक हफ़्ते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च, 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में IBA इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया था। इस समझौते के तहत, सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज का समय 40 मिनट बढ़ाया जाना था और शनिवार को छुट्टी दी जानी थी। यूनियनों का आरोप है कि इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजे दो साल से ज़्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

PLI योजना और पेंशन पर भी असंतोष

यूनियनें बैंक अधिकारियों के लिए प्रस्तावित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का भी विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित योजना और IBA के साथ हुई सहमति में बड़ा अंतर है। सरकारी योजना के अनुसार, स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक का मूल वेतन मिल सकता है, जबकि बाकी कर्मचारियों और स्केल-III तक के अधिकारियों को अधिकतम 15 दिनों का ही प्रोत्साहन मिलेगा। यूनियनों की मांग है कि यह प्रणाली बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ी हो और सभी के लिए समान हो।

इनके अलावा, यूनियनों की अन्य महत्वपूर्ण मांगों में पेंशन का अद्यतन (अपडेटेशन), पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला, और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देना भी शामिल है।

इनपुट: IANS

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