कर्नाटक: आदिवासी कल्याण घोटाले पर हंगामा, मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा का विधान सौधा पर प्रदर्शन
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सोमवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर विधान सौधा का घेराव करने की कोशिश की, जिसके बाद कई…
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सोमवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर विधान सौधा का घेराव करने की कोशिश की, जिसके बाद कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। यह विरोध प्रदर्शन कथित आदिवासी कल्याण घोटाले के खिलाफ था, जिसमें कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रदर्शनकारी अलग-अलग समूहों में कार, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो से विधान सौधा के चारों प्रवेश द्वारों पर पहुँचे। भाजपा ने निगम के फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मंत्री के इस्तीफे और धन की वापसी की मांग को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
पुलिस ने विधान सौधा के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने विकास सौधा की तरफ से परिसर में घुसने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया, जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारी केसरिया शॉल लहराते हुए जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलते हुए महिलाओं समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बीएमटीसी बसों में बिठाया।
विरोध का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेताओं में एमएलसी एन. रविकुमार और सी.टी. रवि शामिल थे। वहीं, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी के नेतृत्व में फ्रीडम पार्क में भी एक समानांतर प्रदर्शन आयोजित किया गया।
सरकार पर फंड के दुरुपयोग का आरोप
एक अन्य समूह का नेतृत्व कर रहे कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस वाहन के अंदर से पत्रकारों से बात करते हुए आर. अशोक ने आरोप लगाया, "सरकार ने दलितों का पैसा हड़प लिया है।... हम मंत्री नागेंद्र के कारण विरोध कर रहे हैं। उन्होंने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से लगभग 180 करोड़ रुपये लूटे हैं। यह पैसा लोगों को वापस मिलना चाहिए।"
अशोक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की और कहा, "हम शांति से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार हम पर हमला कर रही है। यह अच्छी बात नहीं है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" प्रदर्शनकारियों ने 'हमें न्याय चाहिए', 'इस्तीफा जरूरी है' और 'पैसा कहां गया? पैसा राहुल गांधी के घर गया' जैसे नारे लगाए।
सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग
बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा, "यह विरोध कांग्रेस सरकार के खिलाफ है, जो मंत्री नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने में हिचकिचा रही है और भ्रष्टाचार का समर्थन करती दिख रही है।" जब उनसे कांग्रेस के 'गुंडागर्दी' वाले आरोप पर पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, "पूरा राज्य जानता है कि राजनीति में कौन गुंडागर्दी के दम पर आगे बढ़ा है... सीएम ने हमें गुंडा कहा है। मिस्टर डी.के. शिवकुमार, आप खुद गुंडा हैं।"
वहीं, भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने दावा किया कि जांच से पता चला है कि दूसरे राज्यों के चुनावों पर 100 करोड़ रुपये से अधिक और बल्लारी चुनाव में 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इनपुट: IANS



