बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी की गई, तमिलनाडु पुलिस ने बताई वजह

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की सुरक्षा में कटौती की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पुलिस ने उनकी सुरक्षा को Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी कर…

एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी की गई, तमिलनाडु पुलिस ने बताई वजह
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की सुरक्षा में कटौती की गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पुलिस ने उनकी सुरक्षा को Z+ श्रेणी से घटाकर Z श्रेणी कर दिया है। यह फैसला राज्य की कोर सेल सिक्योरिटी विंग द्वारा की गई एक नियमित समीक्षा बैठक के बाद लिया गया।

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अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सुरक्षा हटाने के बजाय तैनाती को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। नई व्यवस्था के तहत भी स्टालिन को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी। उनके काफिले में आगे, बीच और पीछे सुरक्षा दल मौजूद रहेंगे, जिसमें पायलट, एस्कॉर्ट, बैकअप और क्लोज-प्रोटेक्शन वाहन शामिल होंगे ताकि यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

समीक्षा प्रक्रिया और आधार

तमिलनाडु में वीआईपी और वीवीआईपी हस्तियों को मिलने वाली सुरक्षा की हर छह महीने में समीक्षा की जाती है। राज्य सचिवालय में हुई इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव साई कुमार, गृह सचिव के. मणिवसन और पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। समिति ने खुफिया जानकारी और स्टालिन की सुरक्षा जरूरतों का आकलन करने के बाद यह निर्णय लिया।

इस प्रक्रिया में खतरों की प्रकृति, खुफिया रिपोर्ट, व्यक्ति की सार्वजनिक उपस्थिति और यात्रा के तरीकों जैसे कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। समिति की सिफारिशों के आधार पर सुरक्षा को बढ़ाया, घटाया या यथावत रखा जा सकता है।

हालिया राजनीतिक घटनाक्रम

सुरक्षा में यह बदलाव 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके की हार के कुछ महीनों बाद हुआ है। 2021 में 133 सीटें जीतने वाली डीएमके इस बार 59 सीटों पर सिमट गई। वहीं, अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

स्टालिन को अपनी कोलाथुर सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा था, जिसका उन्होंने तीन बार प्रतिनिधित्व किया था। इस सीट पर उन्हें टीवीके उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 8,795 वोटों से हराया था। स्टालिन ने इस चुनावी नतीजे को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, अधिकारी जोर देकर कहते हैं कि सुरक्षा समीक्षा का किसी की राजनीतिक स्थिति या चुनाव परिणामों से कोई संबंध नहीं है और यह पूरी तरह से पेशेवर आकलन पर आधारित है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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