अशोकनगर: अवैध लकड़ी ले जा रही बैलगाड़ी को रोका, तो वन विभाग की टीम पर कुल्हाड़ी-पत्थरों से हमला
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में लकड़ी तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर ही जानलेवा हमला कर दिया। सोमवार को हुई इस घटना में एक डिप्टी रेंजर का पैर टूट…
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में लकड़ी तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर ही जानलेवा हमला कर दिया। सोमवार को हुई इस घटना में एक डिप्टी रेंजर का पैर टूट गया, जबकि दो अन्य वनकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मंगलवार को मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों की तलाश जारी है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मुंगावली वन परिक्षेत्र के किरौला गांव के पास उस वक्त हुई, जब वन विभाग को जंगल से अवैध कटाई की लकड़ी एक बैलगाड़ी से ले जाने की सूचना मिली। इस पर विभाग की आठ सदस्यीय टीम मौके पर पहुँची और लकड़ी से लदी बैलगाड़ी को जब्त कर लिया।
ट्रैक्टर का रास्ता रोककर किया हमला
जब टीम जब्त की गई बैलगाड़ी को एक ट्रैक्टर की मदद से मुंगावली ले जा रही थी, तभी बैलगाड़ी के साथ मौजूद लोगों ने अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में पांच मोटरसाइकिलों पर सवार 8 से 10 लोग वहां आ धमके। उन्होंने ट्रैक्टर का रास्ता रोका और वनकर्मियों पर लाठी, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया।
मुंगावली के एसडीओपी सनम बी. खान ने बताया कि टीम जंगल क्षेत्र में निरीक्षण और जब्ती की कार्रवाई कर रही थी, जब उन पर यह हमला हुआ।
डिप्टी रेंजर समेत तीन घायल
इस हमले में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है। उनके अलावा, वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को पहले मुंगावली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद कमलेश बाथम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, हमलावर वारदात के बाद पास के जंगल में भाग गए। शुरुआती जानकारी में उनके जियाजीगढ़ गांव के होने का संदेह है, लेकिन आधिकारिक पहचान अभी बाकी है। एसडीओपी खान ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और मामले में केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



