सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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G20 बैठक: वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर मंथन के लिए अमेरिका में जुटे दुनिया के दिग्गज

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और व्यापार जगत के बड़े नेता एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित एशविल शहर में इकट्ठा हुए हैं। इस दो…

G20 बैठक: वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर मंथन के लिए अमेरिका में जुटे दुनिया के दिग्गज
(फोटो: IANS)

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और व्यापार जगत के बड़े नेता एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित एशविल शहर में इकट्ठा हुए हैं। इस दो दिवसीय G20 बैठक का मुख्य एजेंडा वैश्विक आर्थिक विकास, सरकारी कर्ज और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिका इस बैठक के माध्यम से G20 को उसके 'मूल मुद्दों पर वापस लाने' पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें मजबूत और संतुलित आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

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सोमवार और मंगलवार को होने वाली इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के साथ एशविल पहुंचे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी रविवार को पड़ोसी राज्य साउथ कैरोलिना पहुंच गईं, जहां अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया।

व्यापार और नीति-निर्माण का संगम

इस बार की बैठक एक अनूठी पहल के लिए भी चर्चा में है। यह पहली बार है जब G20 के फाइनेंस ट्रैक में निजी क्षेत्र के नेताओं को सीधी और बड़ी भूमिका दी गई है। इसका उद्देश्य निवेश और आर्थिक विस्तार में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को समझना है। बैठक में जेपी मॉर्गन चेस, गोल्डमैन सैक्स, 3एम और मेडट्रॉनिक जैसी बड़ी कंपनियों के लगभग 20 वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें बड़े बैंकों से लेकर दवा और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।

बैठक के प्रमुख एजेंडा

आर्थिक विकास के अलावा, सरकारी कर्ज का मुद्दा भी चर्चा का एक अहम विषय रहेगा। अमेरिका कर्ज पुनर्गठन की प्रक्रिया को ज्यादा तेज, पारदर्शी और पूर्वानुमान योग्य बनाने पर जोर दे रहा है, ताकि कर्ज लेने वाले और देने वाले, दोनों देशों को लाभ हो। इस संबंध में पेरिस क्लब और G20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक के सबसे जटिल मुद्दों में वैश्विक आर्थिक असंतुलन और बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करने वाली नीतियां शामिल हो सकती हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने विशेष रूप से चीन से जुड़ी मानी जाने वाली औद्योगिक सब्सिडी, अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और निर्यात-केंद्रित आर्थिक नीतियों पर चिंता व्यक्त की है।

कौन-कौन हो रहा है शामिल?

इस महत्वपूर्ण बैठक में G20 के सभी सदस्य देशों—अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका—के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। रूस को भी निमंत्रण दिया गया है और उसके भी भाग लेने की संभावना है। सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान और जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा जैसे कुछ प्रमुख प्रतिभागियों के नाम की पुष्टि हो चुकी है। इन देशों के अलावा, यूरोपीय संघ, अफ्रीकी संघ और कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन को कवर करने के लिए दुनिया भर से करीब 300 पत्रकार एशविल पहुंचे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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