रेणुकास्वामी मर्डर केस: सरकारी गवाह प्रदोष का बयान दर्ज करने पर रोक, हाई कोर्ट के फैसले का इंतज़ार
कन्नड़ अभिनेता दर्शन से जुड़े चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में एक अहम मोड़ पर, मामले के सरकारी गवाह (अप्रूवर) बने आरोपी प्रदोष का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। समाचार एजेंसी IANS…
कन्नड़ अभिनेता दर्शन से जुड़े चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में एक अहम मोड़ पर, मामले के सरकारी गवाह (अप्रूवर) बने आरोपी प्रदोष का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेंगलुरु की 59वीं सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला लिया क्योंकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने अभी तक अभिनेता दर्शन की उस याचिका पर अपना आदेश नहीं सुनाया है जिसमें प्रदोष को सरकारी गवाह बनाए जाने को चुनौती दी गई है।
प्रदोष, जो इस मामले में 14वें आरोपी थे, को बयान दर्ज कराने के लिए जेल से अदालत लाया गया था। हालांकि, विशेष लोक अभियोजक (SPP) प्रसन्ना कुमार ने अदालत से और समय की मांग की। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है और आग्रह किया कि कार्यवाही को 7 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया जाए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
हाई कोर्ट में दर्शन की चुनौती
दरअसल, अभिनेता दर्शन ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें प्रदोष को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी गई थी। अपनी याचिका में दर्शन ने प्रदोष को सरकारी गवाह का दर्जा देने की प्रक्रिया और तकनीकी आधारों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के इस फैसले पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है।
इसी याचिका के लंबित होने के कारण, निचली अदालत ने गवाह के तौर पर प्रदोष का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया है। अभियोजन पक्ष के लिए प्रदोष का बयान अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालत में दिखा प्रदोष का आत्मविश्वास
बुधवार को जब सुनवाई टल गई, तो पुलिस प्रदोष को वापस जेल ले गई। इस दौरान, अदालत परिसर में मीडिया के कैमरों को देखकर प्रदोष ने आत्मविश्वास के साथ 'थंब्स-अप' का इशारा किया। उसने अदालत में जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए।
उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने 25 अगस्त को प्रदोष की अर्जी स्वीकार करते हुए उसे सशर्त माफी दे दी थी और सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी। प्रदोष उन आरोपियों में से एक है जिन पर जून 2024 में बेंगलुरु में मिले रेणुकास्वामी के शव के मामले में हत्या का आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में दर्शन समेत कई अन्य लोग आरोपी हैं।
इनपुट: IANS



