ग्वालियर: तेज बारिश में ढह गया दो मंजिला कच्चा मकान, हादसे में मां और दो साल के बेटे की मौत
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में बुधवार रात हुई तेज बारिश एक परिवार के लिए कहर बनकर टूटी। यहां डबरा के जंगीपुरा इलाके में एक दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह जाने से एक महिला और उसके मासूम बेटे की जान…
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में बुधवार रात हुई तेज बारिश एक परिवार के लिए कहर बनकर टूटी। यहां डबरा के जंगीपुरा इलाके में एक दो मंजिला कच्चे मकान की छत ढह जाने से एक महिला और उसके मासूम बेटे की जान चली गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवार लगभग 15 सालों से इसी जर्जर मकान में किराए पर रह रहा था।
हादसा बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुआ जब जागेंद्र रजक का परिवार अपने कमरे में था। अचानक छत गिरने की तेज आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और परिवार को मलबे में दबा पाया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। डबरा सिटी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को मलबे से बाहर निकाला और डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया।
दो की मौत, तीन घायल
इस दर्दनाक हादसे में 2 वर्षीय आदित्य रजक उर्फ गुन्नू ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि उसकी मां सीमा रजक (33) की इलाज के दौरान मौत हो गई। सीमा के पति जागेंद्र रजक (38) और उनकी दो बेटियां, 8 साल की रागिनी और 5 साल की वैशाली, घायल हो गईं। तीनों का इलाज ग्वालियर के एक अस्पताल में चल रहा है।
अस्पताल में लापरवाही का आरोप
घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पड़ोसी वीरू रजक ने दावा किया कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी सांसें चल रही थीं और अगर समय पर बेहतर इलाज मिलता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। हंगामे की सूचना पर एसडीएम नवकिरण कौर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, जागेंद्र रजक ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करते हैं और उनकी पत्नी सीमा घरों में झाड़ू-पोंछे का काम करती थीं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। जागेंद्र के भाई राघवेंद्र रजक ने बताया कि हादसे के वक्त जागेंद्र की दो अन्य बेटियां नैंसी और गौरी उनके घर पर थीं, जिस वजह से वे सुरक्षित बच गईं।
इनपुट: IANS



