बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में पूरी ताकत झोंकी
बिहार में गंगा, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद वहां से आने वाली नदियों ने भी राज्य पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे कई…
बिहार में गंगा, गंडक और कोसी समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद वहां से आने वाली नदियों ने भी राज्य पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार ने कहा है कि वह प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
राज्य सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, "पानी लगातार बढ़ रहा है। कई जिले प्रभावित हैं। पटना जिला भी प्रभावित है।" उन्होंने बताया कि कई निचले इलाकों और आवासीय क्षेत्रों में पानी घुसने से व्यवस्था चरमरा गई है। उनके मुताबिक, "राज्य सरकार लगातार इस पर नजर रख रही है। हर स्तर पर बाढ़ प्रभावित लोगों के जीवन की सुरक्षा और राहत की व्यवस्था सरकार कर रही है।"
पटना के कई इलाके चपेट में
मंत्री यादव ने विशेष रूप से पटना के दानापुर और मनेर इलाकों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने बाढ़ से प्रभावित बताया। उन्होंने कहा, "मैं स्वयं दानापुर जा रहा हूं। वहां की स्थिति नाजुक है। सरकार के स्तर पर प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।" सरकार की तैयारियों पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावितों के लिए तत्काल राहत की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें अस्थायी शिविर, राशन और खाने-पीने का सामान शामिल है।
पुनपुन और दरधा नदियां भी उफान पर
वहीं, एनडीए के घटक दल जदयू के नेता श्याम रजक ने पटना में पुनपुन और दरधा नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "पटना में पुनपुन और दरधा नदियों का जल खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। कई गांवों में पानी घुस गया है।" रजक ने बताया कि वह खुद अधिकारियों के साथ प्रभावित तटबंधों का निरीक्षण करने जा रहे हैं। उन्होंने लखना पूर्वी, लखना पश्चिमी, लखना उत्तरी, चंदासी और फतेहपुर जैसे गांवों में जल्द पानी पहुंचने की आशंका जताते हुए स्थिति को "बहुत खतरनाक" बताया और कहा कि सरकार लगातार बचाव के प्रयास कर रही है।
इनपुट: IANS



