बैंक को 83 लाख का चूना: जयपुर CBI कोर्ट ने पूर्व बैंक अधिकारी को 7 साल की जेल और जुर्माने की सज़ा सुनाई
राजस्थान के जयपुर में स्थित CBI की एक विशेष अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पंजाब नेशनल बैंक) के एक पूर्व स्पेशल असिस्टेंट को सात साल…
राजस्थान के जयपुर में स्थित CBI की एक विशेष अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पंजाब नेशनल बैंक) के एक पूर्व स्पेशल असिस्टेंट को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी मुरारी लाल मीणा पर 4.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया था।
यह मामला राजस्थान के दौसा जिले की लालसोट ब्रांच से जुड़ा है, जहां मीणा तैनात थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने गलत तरीके से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' जारी किए। इन जाली प्रमाणपत्रों के आधार पर उन संपत्तियों को छोड़ दिया गया, जिन्हें लोन के बदले गिरवी रखा गया था, जबकि उन पर कर्ज बकाया था। इस धोखाधड़ी के कारण बैंक को 25 अलग-अलग लोन खातों में कुल 83,69,495 रुपये का नुकसान हुआ।
जांच से सज़ा तक का सफर
बैंक की शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 20 दिसंबर 2017 को इस मामले में केस दर्ज किया था। लंबी जांच के बाद, CBI ने 28 अगस्त 2019 को मुरारी लाल मीणा के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर किया। इसके बाद इसी साल 23 जनवरी 2024 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए।
मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने मीणा को दोषी पाया और उन्हें सज़ा सुनाई। इस फैसले को बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ एक सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
इनपुट: IANS



