जर्मनी के लाइपजिग एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला: यूरोपीय संघ ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए, रूसी राजदूत तलब
जर्मनी के लाइपजिग एयरपोर्ट पर अगस्त में हुए एक ड्रोन हमले को लेकर यूरोपीय संघ (ईयू) ने कड़ा रुख अपनाया है और इस मामले में रूसी राजदूतों को तलब किया गया है। जर्मनी पहले ही इस घटना के लिए रूस को…
जर्मनी के लाइपजिग एयरपोर्ट पर अगस्त में हुए एक ड्रोन हमले को लेकर यूरोपीय संघ (ईयू) ने कड़ा रुख अपनाया है और इस मामले में रूसी राजदूतों को तलब किया गया है। जर्मनी पहले ही इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहरा चुका है और अब यूरोपीय संघ के स्तर पर भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने बुधवार को आयरलैंड के विकलो में इस संबंध में जानकारी दी।
यह पूरा मामला 4 अगस्त को लाइपजिग एयरपोर्ट पर विस्फोटक से लैस एक ड्रोन मिलने के बाद शुरू हुआ था। जांच में पता चला कि ड्रोन का डेटोनेटर खराब था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। इसके बाद एक और घटना में डीएचएल का एक कार्गो विमान उड़ान के दौरान किसी उड़ती हुई वस्तु से टकरा गया, जिसे हनोवर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारना पड़ा। विमान पर ड्रोन हमले जैसे नुकसान के निशान पाए गए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, बाद में एयरपोर्ट के पास एक तीसरा ड्रोन और सैन्य-ग्रेड विस्फोटक भी बरामद हुए।
जर्मनी की जवाबी कार्रवाई
इस घटना को रूस की "हाइब्रिड कार्रवाई" करार देते हुए जर्मनी सरकार ने कई कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने मंगलवार को बताया कि बॉन में स्थित रूसी महावाणिज्य दूतावास को 18 सितंबर से बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, बर्लिन स्थित रूसी हाउस का अनुबंध भी समाप्त किया जाएगा और रूसी राजदूत को तलब किया गया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी कहा है कि जर्मनी लगातार हाइब्रिड हमलों का निशाना बन रहा है और दोषियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईयू स्तर पर नए प्रतिबंधों की तैयारी
ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक से पहले कहा, "हम पहले ही रूसी राजदूतों को तलब कर चुके हैं। कई सदस्य देशों ने भी यही कदम उठाया है। अब हम इस पर चर्चा करेंगे कि आगे और क्या कार्रवाई की जा सकती है।" उन्होंने यह भी बताया कि रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे से जुड़े 1,600 नाम पहले से ही प्रतिबंध सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में हैं और इसमें और भी नाम जोड़े जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के मुताबिक, उनका देश यूरोपीय संघ के साथ मिलकर रूस पर यात्रा प्रतिबंध और नागरिकों के प्रवेश नियमों को सख्त करने जैसे और कड़े प्रतिबंध लगाने पर काम कर रहा है।
इनपुट: IANS



