गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

इजरायली चुनाव: नेतन्याहू की पार्टी ने अरब दलों पर लगाया 'वोट चुराने' का आरोप, जांच की मांग

इजरायल में हुए कड़े चुनावी मुकाबले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि अरब दलों ने धांधली, धोखाधड़ी और अवैध सॉफ्टवेयर…

इजरायली चुनाव: नेतन्याहू की पार्टी ने अरब दलों पर लगाया 'वोट चुराने' का आरोप, जांच की मांग
(फोटो: IANS)

इजरायल में हुए कड़े चुनावी मुकाबले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि अरब दलों ने धांधली, धोखाधड़ी और अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके "चुनाव चुरा लिया है"। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब चुनाव नतीजों में किसी भी प्रमुख राजनीतिक गुट को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है, और सरकार गठन की चाबी अरब पार्टियों के हाथ में आ सकती है।

विज्ञापन

इन चुनावों में अरब पार्टियों 'राआम' और 'जॉइंट लिस्ट' ने शानदार प्रदर्शन किया है। अनुमानों के मुताबिक, वे मिलकर रिकॉर्ड 19 सीटें जीत सकती हैं, जिससे वे नई सरकार के गठन में एक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में लिकुड पार्टी ने एक बयान जारी कर चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का दावा किया है।

गंभीर आरोप और जांच की मांग

लिकुड पार्टी ने अपने बयान में कहा, "इजरायल के चुनावों को अरब पार्टियों ने हथिया लिया है। ये पार्टियां आतंकवाद का समर्थन करती हैं और यहूदी राज्य को खत्म करना चाहती हैं। इन्होंने रिश्वतखोरी, धमकियों, हिंसा, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आपराधिक कृत्य किए हैं और मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।"

इन आरोपों के आधार पर, नेतन्याहू की पार्टी ने पुलिस और देश की घरेलू सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' से तत्काल जांच की मांग की है। पार्टी चाहती है कि मतदाताओं से धोखाधड़ी, उन्हें डराने-धमकाने और प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे दावों की "गहन जांच" की जाए। उन्होंने चुनाव समिति से भी इस पर तुरंत जवाब मांगा है।

सरकार गठन का गणित और वोटों की गिनती

चुनाव नतीजों के बाद न तो नेतन्याहू के गुट और न ही मुख्य विपक्षी दल को संसद में सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें मिलती दिख रही हैं। नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि वे अरब पार्टियों के साथ सहयोग नहीं करेंगे, जिससे राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन गई है।

इस बीच, केंद्रीय चुनाव आयोग (सीईसी) ने बताया है कि "डबल लिफाफे" वाले वोटों की गिनती जारी है, जिनमें अनुपस्थित मतदाताओं के वोट शामिल हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन वोटों में सैनिकों, कैदियों, चिकित्सा कर्मियों और विदेशों में तैनात प्रतिनिधियों के मतपत्र हैं। आयोग के मुताबिक, 12,018 सामान्य मतदान केंद्रों में से 11,712 के नतीजों को प्रोसेस कर लिया गया है, और बाकी की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →