अमेरिका: मोंटाना में भारतीय मूल के व्यक्ति से नस्लीय दुर्व्यवहार, युवक पर गंभीर आरोप
अमेरिका के मोंटाना राज्य में भारतीय मूल के एक व्यक्ति के साथ नस्लीय टिप्पणी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में 21 वर्षीय जैक्सटन…
अमेरिका के मोंटाना राज्य में भारतीय मूल के एक व्यक्ति के साथ नस्लीय टिप्पणी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में 21 वर्षीय जैक्सटन टेट कोलिन्स नामक युवक पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। आरोपी को 27 अक्टूबर को लुईस एंड क्लार्क काउंटी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया था।
यह घटना मोंटाना की राजधानी हेलेना के डाउनटाउन इलाके में हुई। अदालत में पेश हलफनामे के मुताबिक, पीड़ित अपने दोस्तों के साथ टहल रहा था, जब आरोपी ने उसके एक दोस्त को निशाना बनाया। पीड़ित का दोस्त भारतीय मूल का है और सिर पर पगड़ी या टोपी जैसा कुछ पहनता है। बताया गया है कि कोलिन्स ने उस व्यक्ति को दोनों हाथों से धक्का दिया और उससे कहा कि 'अपने देश वापस जाओ'।
घटना और गिरफ्तारी का विवरण
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि नारंगी शर्ट और गले में एक बड़ा क्रॉस पहने आरोपी ने अचानक आकर उसके दोस्त के साथ यह हरकत की। चश्मदीदों ने इस घटना को 'डरावना' और एक 'हमला' बताया। बाद में, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कोलिन्स पास में ही मिल गया।
पुलिस पूछताछ में कोलिन्स ने यह स्वीकार किया कि वह एक बार में शराब पी रहा था और वहां से निकलने के बाद उसने गुस्से में पीड़ित को देश वापस जाने के लिए कहा था। हालांकि, उसने पीड़ित को धक्का देने के आरोप से इनकार किया है।
क्या हैं कानूनी प्रावधान?
मोंटाना के कानून के तहत, किसी व्यक्ति को उसकी नस्ल, धर्म, रंग या राष्ट्रीय मूल के आधार पर डराना, धमकाना या शारीरिक चोट पहुँचाना एक गंभीर अपराध है। 'मोंटाना कोड एनोटेटेड' की धारा 45-5-221 के अनुसार, इस अपराध में दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल, 5,000 डॉलर तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यह मामला अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ हाल में हुई घटनाओं की कड़ी में एक और मामला है। सामुदायिक समूहों का मानना है कि ऐसी घटनाएं प्रवासियों के विरुद्ध बढ़ती बयानबाजी का नतीजा हैं।
इनपुट: IANS



