तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर फैसला जल्द? चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दिल्ली बुलाया
पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर जल्द ही कोई बड़ा फैसला आ सकता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भार…
पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर जल्द ही कोई बड़ा फैसला आ सकता है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इस मामले पर शनिवार को नई दिल्ली में पार्टी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के साथ अलग-अलग बैठकें करेगा।
यह महत्वपूर्ण बैठकें राष्ट्रीय राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में आयोजित होंगी। आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को दोपहर 12 बजे का समय दिया है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के साथ बैठक सुबह 11 बजे निर्धारित है। दोनों गुटों की ओर से पांच-पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल इन बैठकों में हिस्सा लेगा।
दावों और तर्कों पर होगी सुनवाई
आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहल ने 9 सितंबर को दोनों पक्षों को भेजे गए संदेश में बैठक के एजेंडे का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया था। हालांकि, ECI के सूत्रों का मानना है कि इस दौरान दोनों गुट पार्टी के नाम और 'घास और फूल' चिह्न पर अपने-अपने दावों के समर्थन में तर्क पेश करेंगे। आयोग दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लेगा।
उपचुनावों के मद्देनज़र अहम बैठक
यह बैठकें इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राज्य के पूर्वी मिदनापुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद की रेजिनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। इन सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। कांग्रेस और हुमायूं कबीर द्वारा गठित आम जनता उन्नयन पार्टी पहले ही इन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उपचुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग के पास दो रास्ते हैं। पहला, वह दोनों में से किसी एक गुट को आधिकारिक चुनाव चिह्न आवंटित कर दे। दूसरा विकल्प यह है कि अंतिम फैसला आने तक चिह्न को फ्रीज कर दिया जाए, जिससे कोई भी गुट इसका इस्तेमाल न कर सके।
इनपुट: IANS



