दिल्ली: ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल और हथियार तस्करी मामले में दो और गिरफ्तार, अब तक 18 शिकंजे में
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में दो और अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में दो और अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 18 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। यह नेटवर्क कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा है और भारत में विदेशी हथियार सप्लाई करता था।
ताजा गिरफ्तारियों में 43 वर्षीय महफूज अली उर्फ बॉबी और 35 वर्षीय मोहम्मद अहमद को पकड़ा गया है। दोनों भगोड़े गैंगस्टर शाहबाज अंसारी के नेतृत्व वाले सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य बताए जाते हैं। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क से अब तक 32 आधुनिक विदेशी हथियार और 363 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गैंगस्टर का लंबा आपराधिक इतिहास
जांचकर्ताओं ने बताया कि गिरफ्तार महफूज अली का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद का रहने वाला अली, हत्या के प्रयास, गैंगवार और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे कई संगीन मामलों में शामिल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसका नाम दिल्ली के कई कुख्यात गैंगस्टरों से जुड़ा है, जिसमें जेल में बंद हाशिम बाबा भी शामिल है।
अधिकारियों का यह भी आरोप है कि 2021 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला हत्याकांड के बाद, अली ने शूटरों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट डोंगल को यमुना नदी में फेंककर इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने में मदद की थी। इसके अलावा, उस पर 2022 में हाशिम बाबा के कहने पर पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के साथियों को विदेशी पिस्तौल की खेप पहुंचाने का भी आरोप है।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
यह पूरा मामला इसी साल 14 मार्च को दर्ज एक FIR से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और UAPA जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अवैध रूप से विदेशी हथियार भारत लाता था और उन्हें यहां के संगठित अपराधी गिरोहों, आतंकवादी तत्वों और अन्य राष्ट्र-विरोधी नेटवर्कों को मुहैया कराता था। क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है।
इनपुट: IANS



