मंगलवार, 3 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: चारों सीटों पर कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में शुरू हुई आपसी कलह

कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को सभी चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनावी झटके के बाद अब पार्टी के भीतर अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है…

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: चारों सीटों पर कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में शुरू हुई आपसी कलह
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को सभी चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनावी झटके के बाद अब पार्टी के भीतर अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खेमों के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनावी हार के लिए कुछ नेता एक कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो कुछ पार्टी के ही विधायकों पर भितरघात का आरोप लगा रहे हैं।

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इन चुनावों में एनडीए गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें तीन सीटें भाजपा और एक सीट जेडी(एस) के खाते में गईं। इस परिणाम के बाद कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है।

हार के कारण पर नेताओं में मतभेद

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक के.एन. राजन्ना ने कहा कि हालिया स्टिंग ऑपरेशन विवाद ने पार्टी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया और यह चुनावी हार का एक बड़ा कारण हो सकता है। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, "स्टिंग ऑपरेशन विवाद ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है, खासकर इसलिए क्योंकि स्नातकों और शिक्षकों के निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता शिक्षित हैं और अपना निर्णय लेने से पहले राजनीतिक घटनाक्रम का विश्लेषण करने में सक्षम हैं।"

राजन्ना ने इस बात पर भी निराशा जताई कि दक्षिण-पूर्वी निर्वाचन क्षेत्र में 26 विधायक होने के बावजूद कांग्रेस को हार मिली। उन्होंने कहा, "इससे क्या संकेत मिलता है? भ्रम की स्थिति है। सिद्धारमैया के चुनाव न लड़ने या प्रचार न करने के बयानों ने भी पार्टी को नकारात्मक संदेश दिया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन सब बातों ने पार्टी को प्रभावित किया है।" उन्होंने यह भी कहा कि सभी 26 विधायकों को इस हार की सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप

राजन्ना के बयानों पर पलटवार करते हुए नगर प्रशासन मंत्री एच.सी. बालकृष्ण ने सीधे तौर पर उन पर और उनके बेटे पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। बालकृष्ण ने कहा, "वे शपथ लें और सच बताएं कि क्या उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम किया था। उन्होंने कांग्रेस के लिए वोट नहीं जुटाए। वे किसी मंदिर में आकर शपथ लें। मैं भी आऊंगा। मैं उन्हें चुनौती देता हूं।"

बालकृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने से पहले ही राजन्ना और उनके बेटे ने केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। उन्होंने सवाल किया, "पार्टी के प्रदर्शन पर बोलने का उन्हें क्या नैतिक अधिकार है?" बालकृष्ण ने पार्टी से राजन्ना के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "अगर पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है, तो उसे भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। पार्टी के खिलाफ काम करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "अगर वह पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो छोड़ सकते हैं। लेकिन पार्टी में रहते हुए वह पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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