MP राज्यसभा उपचुनाव: तकनीकी खामी से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का पर्चा खारिज, हरदीप पुरी की राह आसान
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की रणनीति को बड़ा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र…
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस की रणनीति को बड़ा झटका लगा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र मंगलवार को जांच के दौरान खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन, सोमवार को कांग्रेस विधायकों के समर्थन से पर्चा भरा था। हालांकि, उनका नामांकन इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि उन्होंने अनिवार्य 'फॉर्म 26' हलफनामा जमा नहीं किया था। इस हलफनामे में उम्मीदवार को अपनी संपत्ति, देनदारियों, शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो) का ब्योरा देना होता है।
नामांकन पर आपत्तियां और दलीलें
लोहानी ने रिटर्निंग ऑफिसर से कमियों को दूर करने का मौका मांगा और झारखंड के एक मामले का हवाला भी दिया, लेकिन उनकी दलीलें मानी नहीं गईं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर भी सवाल उठाए। लोहानी के प्रस्तावकों में से एक कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने पुरी के हलफनामे को लेकर तीन आपत्तियां दर्ज कराईं।
कटारे ने संवाददाताओं से कहा, "हमने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने इन तीनों बिंदुओं पर आपत्तियां जताई हैं। हमें बहुत उम्मीद तो नहीं है, लेकिन देखते हैं कि रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला लेते हैं।" उनकी आपत्तियों में पुरी द्वारा अपनी पत्नी का नाम न बताने, कुछ विदेशी संपत्तियों का मूल्य विदेशी मुद्रा में घोषित करने और हलफनामे के नोटरीकरण में कथित अनियमितताएं शामिल थीं। कटारे ने यह भी आरोप लगाया कि जिनेवा के एक अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों का विवरण ठीक से नहीं दिया गया है।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके लिए उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। भाजपा ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया था।
230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 164 और कांग्रेस के 65 विधायक हैं, जिससे भाजपा उम्मीदवार की जीत पहले से ही निश्चित मानी जा रही थी। उपचुनाव के लिए मतदान 12 नवंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर है।
इनपुट: IANS



