भोपाल: रिटायर्ड IAS हत्याकांड में एक महीने बाद आगरा से पकड़ा गया केयरटेकर, भागने की कोशिश में लगी गोली
मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के लगभग एक महीने बाद भोपाल पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपी वरुण वाल्मीकि…
मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के लगभग एक महीने बाद भोपाल पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपी वरुण वाल्मीकि, जो अग्रवाल का केयरटेकर था, उसे सोमवार शाम उत्तर प्रदेश के आगरा से पकड़ा गया। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह ने मंगलवार को इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी।
वरुण को हत्या के तीन दिन पहले ही पीठ दर्द से पीड़ित अग्रवाल की देखभाल के लिए एक हाउसकीपिंग एजेंसी के जरिए काम पर रखा गया था। 30 सितंबर को भोपाल के सूरज नगर स्थित आवास पर राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी पत्नी निशी दूसरे कमरे में सो रही थीं। घटना के बाद घर से नकदी, गहने और एक मोबाइल फोन भी गायब था।
लंबी जांच और कई राज्यों में तलाशी
इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस ने एक महीने तक सघन अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त संजय सिंह के मुताबिक, पुलिस टीमों ने नौ राज्यों में 2,500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 100 से अधिक संदिग्धों व आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की। आरोपी वरुण पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। जांच में निर्णायक मोड़ तब आया जब अग्रवाल के चोरी हुए मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन आगरा में मिली। इसके बाद पुलिस ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली समेत कई जगहों पर अपनी टीमें तैनात कीं।
आरोपी की गिरफ्तारी से पहले आगरा में पुलिसकर्मियों ने चार दिनों तक गुप्त रूप से निगरानी की। इस दौरान वह ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, कुल्लू-मनाली और पठानकोट तक घूम चुका था, जिसके बाद वह वापस दिल्ली आकर आगरा पहुँचा था।
गिरफ्तारी के बाद भागने का प्रयास
आरोपी को मंगलवार सुबह भोपाल लाया जा रहा था, जब उसने मुगलिया छाप गांव के पास पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान हुई झड़प में उसके पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह मृतक के व्यवहार से नाराज था और बार-बार डांटे जाने से गुस्से में आकर उसने यह कदम उठाया।
मामले की जांच की धीमी गति पर मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन द्वारा चिंता जताए जाने के बाद 21 अक्टूबर को एआईजी उमेश तिवारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया था। पुलिस अब आरोपी से चोरी के सामान की बरामदगी और घटनाक्रम की पूरी जानकारी के लिए पूछताछ कर रही है।
इनपुट: IANS



