मेघालय: विधायकों की टूट के बाद UDP का बड़ा कदम, कॉनराड संगमा सरकार से समर्थन वापस लिया
मेघालय की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। लगातार अपने विधायकों को खोने से कमजोर हुई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया…
मेघालय की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। लगातार अपने विधायकों को खोने से कमजोर हुई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस फैसले के साथ ही यूडीपी का सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए-दो) के साथ करीब तीन साल पुराना गठबंधन समाप्त हो गया है।
यह निर्णय पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) की एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। यह बैठक यूडीपी के एकमात्र बचे विधायक और पार्टी अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह के राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद बुलाई गई थी। लिंगदोह ने शनिवार को ही मुख्यमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने मंगलवार को हुई बैठक में समिति को दी।
विधायकों की टूट के बाद का फैसला
यूडीपी के लिए यह स्थिति एक बड़े राजनीतिक झटके के बाद पैदा हुई। 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी के 12 विधायक थे, लेकिन हाल ही में 11 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी।
- सितंबर में, यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने 16 अक्टूबर को मान्यता दी।
- इसके बाद, बाकी बचे तीन विधायकों—पॉल लिंगदोह, रेनीटन लिंगदोह टोंगखर और नुजोर्की सुंगोह—ने भी सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) का दामन थाम लिया।
इन दलबदलों के बाद, मेटबाह लिंगदोह पार्टी के अकेले विधायक रह गए हैं। यूडीपी महासचिव टिटोस्टारवेल चाईने ने पत्रकारों को बताया कि समिति का मानना था कि जब पार्टी अध्यक्ष ने ही मंत्रिमंडल छोड़ दिया है, तो पार्टी को भी सरकार से अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लिंगदोह का इस्तीफा स्वैच्छिक था और किसी बाहरी दबाव में नहीं लिया गया।
सरकार पर कोई असर नहीं
यूडीपी के इस कदम से संगमा सरकार की स्थिरता पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। 60 सदस्यों वाली मेघालय विधानसभा में मुख्यमंत्री संगमा की पार्टी एनपीपी के विधायकों की संख्या अब बढ़कर 36 हो गई है, जबकि भाजपा के पास 10 विधायक हैं।
समर्थन वापसी के बाद यूडीपी ने कहा है कि वह अब अपने सांगठनिक ढांचे को फिर से मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। चाईने के मुताबिक, सरकार से बाहर रहकर पार्टी को जनता के मुद्दों को स्वतंत्र रूप से उठाने और मेघालय के लोगों को प्रभावित करने वाले विषयों पर सरकार को जवाबदेह ठहराने का मौका मिलेगा।
इनपुट: IANS



