ओडिशा भूस्खलन: चट्टानों और कीचड़ के नीचे दबे लोगों की तलाश जारी, बचाव कार्यों में भारी चुनौतियाँ
ओडिशा के गंजाम जिले में हुए भीषण भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों को खोजने का अभियान पूरी मुस्तैदी से जारी है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को जानकारी दी कि अत्याधुनिक…
ओडिशा के गंजाम जिले में हुए भीषण भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों को खोजने का अभियान पूरी मुस्तैदी से जारी है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को जानकारी दी कि अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से जीवन के संकेतों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने लापता लोगों के जीवित होने की उम्मीद जताते हुए उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है।
यह हादसा चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश के चलते 28 अक्टूबर को गिदिपाबली गांव में हुआ था, जिसके बाद करीब 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चुनौतियों भरा बचाव अभियान
ओडिशा अग्निशमन सेवा और होम गार्ड के डीजीपी सुधांशु सारंगी ने मीडिया को बताया कि यह अभियान गंजाम के भंजनगर उपमंडल में चल रहा है, लेकिन घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता कंधमाल जिले से होकर जाता है। बचाव कार्य में कई गंभीर चुनौतियाँ आ रही हैं। भूस्खलन की वजह से मिट्टी की मोटी परतें और घरों जितने बड़े विशाल पत्थर पहाड़ी से फिसलकर नीचे आ गए हैं।
डीजीपी सारंगी ने बताया:
- रास्ता बेहद संकरा, कीचड़ भरा और पैदल चलने के लिए मुश्किल है, जिससे टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है।
- विशाल चट्टानों को सीधे हटाना असंभव है, और उन्हें हटाए बिना मिट्टी साफ नहीं की जा सकती।
- मौके पर टीमों के रुकने की उचित व्यवस्था नहीं है, जिस वजह से उन्हें कुछ घंटे काम करने के बाद लौटना पड़ता है।
खराब मौसम के बावजूद, सोमवार को बचाव दल ने देर शाम तक काम किया और मंगलवार सुबह फिर से अभियान शुरू कर दिया। इस काम में अग्निशमन सेवा, रेलवे, ओडीआरएएफ, ओडिशा पुलिस और एनडीआरएफ के लगभग 250 बचावकर्मी और करीब 100 मजदूर तैनात हैं।
हताहतों की स्थिति
अब तक एक शव बरामद किया जा चुका है, जिसकी पहचान के बाद परिवार के अनुरोध पर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। डीजीपी सारंगी के मुताबिक, एक और शव मिला है, लेकिन मिट्टी के भारी जमाव के कारण उसे अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि अभी भी कुछ लोग जीवित बचे होंगे, और हमारी टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं।”
इनपुट: IANS



