दिल्ली: प्रदूषण के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप, 'आप' ने कहा- AQI मॉनिटरिंग स्टेशन के पास पानी छिड़क रही सरकार
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 'आप' का दावा है कि सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों में हेरफेर कर रही है, ताकि राजधानी…
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 'आप' का दावा है कि सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के आंकड़ों में हेरफेर कर रही है, ताकि राजधानी में प्रदूषण की वास्तविक गंभीर स्थिति को छिपाया जा सके। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'आप' के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की बजाय मॉनिटरिंग मशीनों की रीडिंग को प्रभावित करने में लगी है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास जानबूझकर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने मंगलवार को आईआईटी जहांगीरपुरी में लगे एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशन का दौरा किया और इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। भारद्वाज के मुताबिक, स्टेशन के पास पानी डालने से वहां मौजूद धूल के कण दब जाते हैं, जिससे मशीन में प्रदूषण की रीडिंग वास्तविक स्तर से कम दर्ज होती है। उन्होंने इसे दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के साथ धोखा बताया।
आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप
भारद्वाज ने दावा किया कि इस तरीके से प्रदूषण के आंकड़ों को आधा तक किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "यदि वास्तविक प्रदूषण का स्तर 600 है तो इस तरह के तरीकों से आंकड़ों में उसे 300 तक दिखाने की कोशिश की जा सकती है।" उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसका लक्ष्य प्रदूषण कम करना नहीं, बल्कि आंकड़ों में हेरफेर करके समस्या की गंभीरता को छिपाना है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल भी सरकार ने यही तरीका अपनाया था और हरे-भरे इलाकों में नए मॉनिटरिंग स्टेशन लगाकर आंकड़ों को प्रभावित करने की कोशिश की थी। भारद्वाज ने इसकी तुलना जीडीपी के आंकड़ों में कथित हेरफेर से करते हुए कहा कि सरकार प्रदूषण के मामले में भी वास्तविकता छिपा रही है।
'आप' विधायक ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे पर बुराड़ी से 'आप' विधायक संजीव झा ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाकई धूल नियंत्रित करना चाहती है तो पानी का छिड़काव सड़कों, निर्माण स्थलों और अन्य धूल वाले इलाकों में होना चाहिए, न कि सिर्फ मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास।
संजीव झा ने दावा किया कि आईआईटी जहांगीरपुरी स्टेशन के पास पानी छिड़कने के बावजूद एक्यूआई 400 से ज़्यादा दर्ज हो रहा है। उन्होंने कहा, "यदि स्टेशन के आसपास पानी का छिड़काव नहीं किया जाता तो वहां की वास्तविक स्थिति और भी खराब हो सकती थी।" उन्होंने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से भी सवाल किया कि क्या यही सरकार का प्रदूषण नियंत्रण का तरीका है। झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की इन कथित गड़बड़ियों को जनता के सामने लाएगी।
इनपुट: IANS



