पंजाब: CM दफ्तर पर CBI छापे को भगवंत मान ने बताया BJP का चुनावी अभियान, कहा- डराने की कोशिश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों…
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से पंजाब में अपना चुनावी अभियान चला रही है और चुनी हुई सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मान ने इस कार्रवाई को राज्य में समय पर होने वाले विधानसभा चुनावों का संकेत बताया।
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में सीबीआई की तलाशी का मतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव समय पर होंगे। भाजपा ने पंजाब में चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और सीबीआई के जरिए अपना चुनावी अभियान शुरू करने का फैसला किया है।"
"भ्रष्टाचार का एक रुपया भी नहीं मिलेगा"
भगवंत मान ने अपनी सरकार की ईमानदारी पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी कितनी भी छापेमारी हो जाए, आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का 'एक रुपया' भी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, "वे चाहे कितनी भी रेड क्यों न डाल लें, उन्हें हमारे यहां भ्रष्टाचार का एक रुपया भी नहीं मिलेगा।" उन्होंने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहां चुनावों से पहले इसी तरह की कार्रवाइयां हुई थीं।
"लोगों की सेवा करने आए हैं, लूटने नहीं"
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह और उनकी पार्टी ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम न तो इन हरकतों से डरते हैं और न ही उन्हें (भाजपा) पंजाब के लोगों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से हमें (आप) भटकाने देंगे। हम पंजाब को लूटने के लिए नहीं, बल्कि पंजाबियों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं।" उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य लोगों को अधिकार देना, रोजगार पैदा करना और पंजाब को प्रगति के रास्ते पर वापस लाना है।
सीएम मान ने आगे कहा कि पंजाब के लोग डर और डराने-धमकाने की राजनीति को पहले भी कई बार खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "वे (भाजपा) छापे मार सकते हैं, एजेंसियों को भेज सकते हैं और दबाव बना सकते हैं, लेकिन वे पंजाबियों के दिलों में छापेमारी नहीं कर सकते और न ही उनकी आवाज दबा सकते हैं।"
इनपुट: IANS



