केन्या में इबोला का मामला: भारत ने 6,000 PPE किट भेजकर मदद और एकजुटता का संकल्प जताया
केन्या में इबोला वायरस का एक मामला सामने आने के बाद भारत ने देश को अपना समर्थन देते हुए 6,000 पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट की खेप भेजी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भार…
केन्या में इबोला वायरस का एक मामला सामने आने के बाद भारत ने देश को अपना समर्थन देते हुए 6,000 पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट की खेप भेजी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कहा है कि वह इस बीमारी से निपटने के लिए केन्या के साथ मजबूती से खड़ा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य की तैयारियों में सहयोग जारी रखेगा।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) से आए एक यात्री में इबोला संक्रमण की पुष्टि की, जिसकी 6 अक्टूबर को मृत्यु हो गई थी। इस मामले के बाद केन्या में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उच्चायोग ने अपने बयान में कहा, "इबोला वायरस रोग से मुकाबले के लिए भारत केन्या के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम केन्या की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया प्रणाली को समर्थन देने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
केन्या सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारी
केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एक आयातित मामला देश में व्यापक संक्रमण का सबूत नहीं है। स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव एडेन डुआले ने राजनयिकों और विकास साझेदारों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक में बताया कि सरकार की प्रतिक्रिया वैज्ञानिक तथ्यों और स्थापित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल पर आधारित है। मंत्रालय ने यह भी कहा, "आयातित इबोला मामले की पुष्टि के बावजूद केन्या सुरक्षित, खुला और सतर्क बना हुआ है।"
केन्या ने मई 2026 से ही अपनी राष्ट्रीय घटना प्रबंधन प्रणाली (नेशनल इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम) को सक्रिय कर रखा है और राष्ट्रीय तथा काउंटी स्तर की आपातकालीन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। स्वास्थ्य केंद्रों और समुदायों में निगरानी बढ़ा दी गई है, साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्वास्थ्य उपाय
भारत सरकार द्वारा दी गई 6,000 पीपीई किट के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी 1,000 पीपीई सेट दान किए हैं। इसके अतिरिक्त, केन्या सरकार को डब्ल्यूएचओ, अमेरिका, आईजीएडी, अफ्रीका सीडीसी और अन्य विकास साझेदारों से भी सहायता मिल रही है।
देश में अब तक लगभग 4,971 स्वास्थ्यकर्मियों को इबोला की रोकथाम और प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही, देश के 15 प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य जांच जारी है, जहाँ 6.52 लाख से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है।
इनपुट: IANS



