बिहार में बाढ़ का संकट गहराया: सोन बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से बढ़ी चिंता, CM ने किया हवाई सर्वेक्षण
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, खासकर सोन, कोसी और गंडक नदियों के उफान पर होने से निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोन नदी पर बने इंद्रपुरी बैराज…
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, खासकर सोन, कोसी और गंडक नदियों के उफान पर होने से निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सोन नदी पर बने इंद्रपुरी बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख बैराजों की ताजा स्थिति
जल संसाधन विभाग द्वारा शुक्रवार दोपहर 2 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, तीनों प्रमुख बैराजों में सबसे चिंताजनक स्थिति सोन बैराज की है। यहां सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच पानी का बहाव 43,741 क्यूसेक बढ़ गया, जो कुल मिलाकर लगभग 5.18 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। विभाग के अनुसार, इस बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सोन नदी के आसपास के गांवों और निचले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
कोसी और गंडक में हालात स्थिर
हालांकि, बीरपुर स्थित कोसी बैराज और वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज में पानी का बहाव तुलनात्मक रूप से स्थिर बना हुआ है। शुक्रवार दोपहर 2 बजे कोसी बैराज से 1.91 लाख क्यूसेक और गंडक बैराज से 1.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। कोसी बैराज की डिस्चार्ज क्षमता का उल्लेख नहीं है, जबकि गंडक बैराज की डिजाइन क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक है।
भले ही इन दोनों नदियों में बहाव स्थिर है, लेकिन अधिकारी नदी के तटबंधों और जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहे हैं, क्योंकि गंडक के किनारे वाले कई इलाके पहले से ही जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
इनपुट: IANS



