पश्चिम बंगाल: प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मिलेगा रोजगार गारंटी कार्ड, 125 दिन के काम का वादा
पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें 'ग्रामीण…
पश्चिम बंगाल में प्रवासी मजदूरों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें 'ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड' (GRGC) जारी करने का निर्देश दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन को रोकना है।
यह कदम राज्य में 1 जुलाई से लागू हुए 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी-राम जी) एक्ट, 2025' के तहत उठाया गया है। इस कानून के अंतर्गत, ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वेतन-रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती है। हालांकि, यह गारंटी उन लोगों के लिए है जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं।
जिला प्रशासन को मिले खास निर्देश
राज्य के पंचायत मामले और ग्रामीण विकास विभाग ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें प्रवासी मजदूरों के परिवारों की पहचान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू कर पूरा करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित आय सुनिश्चित करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और प्रवासी मजदूरों को अपने गृह राज्य में ही काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रवासी मजदूरों का डेटा और सत्यापन
राज्य श्रम विभाग के अनुमानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में अब तक 22 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों की पहचान हो चुकी है। यह सूची संबंधित जिला प्रशासनों को पहले ही सौंप दी गई है। अब इसी डेटा के आधार पर परिवारों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। सरकार ने अधिकारियों को इस कार्य को केवल एक रूटीन प्रक्रिया न समझने की सलाह दी है।
इस योजना के लिए राज्य सरकार को केंद्र से वित्तीय सहायता का आश्वासन भी मिला है। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी-जी राम जी एक्ट स्कीम के तहत लगभग 1.265 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है।
इनपुट: IANS



