हरियाणा: मिट्टी की सेहत बताकर किसानों की आमदनी बढ़ा रही है मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना हरियाणा के जींद जिले में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक बनकर उभरी है। इस योजना के तहत किसान अपनी खेत की मिट्टी की जांच कराकर यह जान पा रहे हैं कि उसमें…
केंद्र सरकार की मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना हरियाणा के जींद जिले में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक बनकर उभरी है। इस योजना के तहत किसान अपनी खेत की मिट्टी की जांच कराकर यह जान पा रहे हैं कि उसमें किन पोषक तत्वों की कमी है और कौन से तत्व पर्याप्त मात्रा में हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस सटीक जानकारी से किसानों को उर्वरकों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने में मदद मिल रही है, जिससे उनकी लागत घट रही है और उपज बढ़ रही है।
यह योजना किसानों को अपनी भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी सक्षम बनाती है। लाभार्थी किसानों का कहना है कि मिट्टी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच होने से उन्हें अपनी ज़मीन की सेहत की विश्वसनीय जानकारी मिलती है। इस आधार पर वे सही समय पर ज़रूरी कदम उठा पाते हैं, जिससे न केवल फसल बेहतर होती है, बल्कि ज़मीन की उपजाऊ क्षमता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
किसानों ने बताया योजना का लाभ
जींद के एक किसान अनूप ने IANS से बातचीत में इस योजना को "बहुत अच्छी योजना" बताया। उन्होंने कहा, "इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों को कम लागत में फायदा होगा। सरकार किसानों के लिए बहुत अच्छा काम कर रही है।"
एक अन्य किसान धर्मवीर ने भी योजना की सराहना की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की इस योजना के तहत हमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के बारे में जानकारी मिली है। यह भविष्य में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।" धर्मवीर ने आगे बताया कि समय पर मिट्टी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाएगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। उन्होंने इसके लिए सरकार का धन्यवाद किया।
इनपुट: IANS



