महाराष्ट्र: पुणे के औद्योगिक केंद्र में ₹2300 करोड़ का नया निवेश, 49 MSME इकाइयों से समझौता
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राज्य सरकार ने पुणे के चाकण-भोसरी औद्योगिक केंद्र के लिए 49 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। समाचार एजेंसी…
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राज्य सरकार ने पुणे के चाकण-भोसरी औद्योगिक केंद्र के लिए 49 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस समझौते से क्षेत्र में 2,320.97 करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ने और हजारों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
बुधवार को समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बड़ी कंपनियाँ भले ही सुर्खियों में रहती हों, लेकिन MSME क्षेत्र ही अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। ये इकाइयाँ कल-पुर्जों का निर्माण करने, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
औद्योगिक विकास और सरकार की योजना
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि पुणे और आसपास के इंजीनियरिंग व ऑटोमोबाइल उद्योगों में MSME का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र आयात के स्थानीय विकल्प देकर 'लोकल टू ग्लोबल' की सोच को भी साकार कर रहा है। सरकार ने इन छोटे उद्योगों के सुनियोजित विकास के लिए राज्यव्यापी 'एमएसएमई जनगणना' भी शुरू की है, ताकि उनकी ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली 49 इकाइयों को आश्वस्त करते हुए सीएम ने कहा, "समझौता करने वाली इकाइयां अगले एक से दो वर्षों में अपना संचालन शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम और उद्योग विभाग को भूमि आवंटन तथा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।"
बुनियादी ढाँचे के सुधार का वादा
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें उद्योगों के महाराष्ट्र से बाहर जाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि राज्य का औद्योगिक माहौल देश में सर्वश्रेष्ठ है और निवेशकों का भरोसा कायम है। हालांकि, हाल ही में चाकण क्षेत्र के कई उद्योगों ने खराब सड़कों, कचरा प्रबंधन, बिजली और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं पर चिंता जताई थी। कुछ ने तो समस्या हल न होने पर अपना कारोबार दूसरी जगह ले जाने की चेतावनी भी दी थी।
इन शिकायतों के जवाब में, मुख्यमंत्री ने पुणे जिला कलेक्टर और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में 14-सदस्यीय समिति बनाने की घोषणा की है। यह समिति विकास कार्यों और शिकायतों के समय पर समाधान की निगरानी करेगी। साथ ही, 30-40 साल पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक बनाकर स्वायत्त 'इंडस्ट्रियल सिटी' के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत पुणे जिले से होगी।
इनपुट: IANS



