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पुणे: आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी, राहुल गांधी ने सीएम को लिखा पत्र

महाराष्ट्र के पुणे में हॉस्टल और छात्र कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर आदिवासी समुदाय के छात्रों की भूख हड़ताल 13 दिनों से जारी है। छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी आधी-अधूरी बातें मानकर आंदोलन खत्म…

पुणे: आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी, राहुल गांधी ने सीएम को लिखा पत्र
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के पुणे में हॉस्टल और छात्र कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर आदिवासी समुदाय के छात्रों की भूख हड़ताल 13 दिनों से जारी है। छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी आधी-अधूरी बातें मानकर आंदोलन खत्म करने का दबाव बना रहा है, लेकिन वे लिखित आश्वासन के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

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आंदोलन कर रही छात्रा सुचित्रा ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी समस्या हॉस्टल का शहर के केंद्र से बहुत दूर होना है। उन्होंने कहा, "छात्रावास सोलापुर बॉर्डर पर है, जहाँ से कॉलेज आने-जाने में ही करीब चार घंटे लग जाते हैं। इससे हमारी पढ़ाई का बहुत नुकसान होता है। अगर हॉस्टल शहर के केंद्र में हो, तो लड़के-लड़कियों दोनों को सहूलियत होगी और उत्पीड़न का डर भी कम होगा।"

प्रशासन का रवैया और राहुल गांधी का हस्तक्षेप

सुचित्रा के मुताबिक, प्रशासन उनकी मुख्य मांगों पर केवल "सोचेंगे" कहकर टालमटोल कर रहा है। उन्होंने कहा, "वे चाहते हैं कि हम समाधान के बिना ही आंदोलन रोक दें, जो हमें मंजूर नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर 10 दिनों में छात्रों की मांगें पूरी करने को कहा है और ऐसा न होने पर खुद प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है।

रिक्त पदों को भरने की भी मांग

एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्र सूरज ने बताया कि उनकी एक और प्रमुख मांग सुप्रीम कोर्ट के 2017 के आदेश का पालन कराना है। IANS के हवाले से उन्होंने कहा, "आदिवासी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित लगभग 12,500 रिक्त पदों पर वास्तविक आदिवासियों की भर्ती होनी चाहिए और धोखाधड़ी करने वालों को हटाया जाना चाहिए, लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।" छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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