मंगलवार, 3 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश: हिंदू मानवाधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी पर देशद्रोह का मुकदमा, कई संगठनों ने सुरक्षा पर चिंता जताई

बांग्लादेश में एक प्रमुख हिंदू महिला अधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक…

बांग्लादेश: हिंदू मानवाधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी पर देशद्रोह का मुकदमा, कई संगठनों ने सुरक्षा पर चिंता जताई
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश में एक प्रमुख हिंदू महिला अधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले पर ध्यान आकर्षित करते हुए गोस्वामी को लगातार परेशान किए जाने का आरोप लगाया है।

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शम्पा गोस्वामी सतखीरा जिले में 'प्रेरणा नारी उन्नयन संगठन' नामक संस्था की कार्यकारी निदेशक हैं। उनके खिलाफ यह मामला 29 सितंबर को सतखीरा के श्यामनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। गोस्वामी का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस उनके घर और दफ्तर पर नजर रख रही है, और उनके परिवार के सदस्यों को भी परेशान किया जा रहा है।

मानवाधिकार संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

बांग्लादेश के 20 मानवाधिकार और विकास संगठनों के गठबंधन 'ह्यूमन राइट्स फोरम बांग्लादेश' (HRFB) ने सोमवार को एक बयान जारी कर इस स्थिति पर चिंता जताई। फोरम ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि गोस्वामी और उनके परिवार को किसी भी तरह की धमकी या प्रताड़ना से बचाया जाए और उन्हें बिना किसी डर के अपना काम जारी रखने दिया जाए। HRFB में 'आइन ओ सालिश केंद्र' (ASK), 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश' (TIB) और 'बांग्लादेश महिला परिषद' (BMP) जैसे प्रमुख संगठन शामिल हैं।

फोरम ने कहा कि किसी मानवाधिकार कार्यकर्ता पर देशद्रोह जैसा गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस आधार होना चाहिए। उन्होंने गोस्वामी के खिलाफ लगे आरोपों और उनके द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के दावों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फोरम ने यह भी रेखांकित किया कि बांग्लादेश का संविधान अपने नागरिकों को मौलिक अधिकार, निजता और स्वतंत्र रूप से आने-जाने की गारंटी देता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठी आवाज

यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच रहा है। पिछले महीने, आयरलैंड स्थित मानवाधिकार संगठन 'फ्रंट लाइन डिफेंडर्स' (FLD) ने भी गोस्वामी के खिलाफ हो रहे कथित हमलों पर चिंता व्यक्त की थी। FLD का मानना है कि यह उत्पीड़न उनकी महिला और धार्मिक अल्पसंख्यक पहचान से जुड़ा हो सकता है, जो बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव के माहौल का हिस्सा है। संगठन ने गोस्वामी पर लगे यात्रा प्रतिबंध और गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गई पुलिस जांच पर भी गंभीर चिंता जताई थी।

इनपुट: IANS

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