उत्तर कोरिया ने क्रूज मिसाइल के लिए नए 'वर्टिकल स्ट्राइक' वारहेड का परीक्षण किया, दक्षिण कोरिया ने कहा- हम तैयार हैं
उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों के जखीरे में एक और इजाफा करते हुए रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए एक नए 'डिस्पर्सल वारहेड' का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिसाइल की ऊपर से सीधे लक्ष्य…
उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों के जखीरे में एक और इजाफा करते हुए रणनीतिक क्रूज मिसाइल के लिए एक नए 'डिस्पर्सल वारहेड' का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिसाइल की ऊपर से सीधे लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता यानी 'वर्टिकल स्ट्राइक' को परखना था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम उत्तर कोरिया द्वारा अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है।
कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, यह परीक्षण सोमवार को मिसाइल प्रशासन द्वारा किया गया। प्रशासन के वारहेड संस्थान ने दावा किया है कि क्रूज मिसाइल में लगाया गया यह मध्यम आकार का डिस्पर्सल वारहेड 5 से 6 हेक्टेयर के क्षेत्र को अपनी अधिकतम मारक क्षमता से पूरी तरह तबाह कर सकता है। मिसाइल सिस्टम संस्थान ने कहा कि लक्ष्य क्षेत्र की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मिसाइल की अंतिम चरण की उड़ान क्षमता में सुधार कर इस 'वर्टिकल स्ट्राइक' क्षमता को और बेहतर बनाया गया है।
क्यों खास है यह तकनीक?
विशेषज्ञों का मानना है कि 'वर्टिकल स्ट्राइक' क्षमता का विकास खास मकसद से किया गया है। इसका उद्देश्य पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया की भूमिगत सैन्य सुविधाओं और सुरंगों के प्रवेश द्वारों को अधिक सटीकता से निशाना बनाना है, जिन पर सामान्य हमलों का असर कम होता है। सियोल स्थित 'कोरिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोरम' के महासचिव शिन जोंग-वू ने बताया कि यह तकनीक मिसाइल को लक्ष्य पर गिरने से ठीक पहले गुरुत्वाकर्षण की मदद से अधिकतम गति तक पहुंचाती है, जिससे उसकी विनाशकारी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन के निदेशक ने इन परीक्षणों को देश की 'वास्तविक युद्ध क्षमता' का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "हमारी सेना को देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हर तरह के खतरे को रोकने की क्षमता रखनी चाहिए।" गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने इस साल के अंत तक कई तरह के क्लस्टर वारहेड तैनात करने की घोषणा की है। इसी क्रम में शनिवार को उसने बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए एक क्लस्टर बम का भी परीक्षण किया था।
दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया के इस कदम पर दक्षिण कोरिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। दक्षिण कोरियाई सेना के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो-यंग ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि वे उत्तर कोरिया की किसी भी संभावित उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण कोरिया पहले ही अत्याधुनिक और सटीक हमला करने वाली तकनीक विकसित कर चुका है, जो उत्तर कोरिया द्वारा बताए जा रहे स्तर से कहीं ज्यादा उन्नत है।
इनपुट: IANS



