जून में कार बाज़ार गुलज़ार: मारुति सुजुकी ने 2 लाख का आंकड़ा पार किया, टोयोटा की बिक्री भी बढ़ी
भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार के लिए जून का महीना शानदार रहा, जिसमें मारुति सुजुकी, टोयोटा और हुंडई जैसी प्रमुख कंपनियों ने बिक्री के मज़बूत आंकड़े पेश किए। मारुति सुजुकी इंडिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते ह
भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार के लिए जून का महीना शानदार रहा, जिसमें मारुति सुजुकी, टोयोटा और हुंडई जैसी प्रमुख कंपनियों ने बिक्री के मज़बूत आंकड़े पेश किए। मारुति सुजुकी इंडिया ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जून में कुल 2 लाख से ज़्यादा गाड़ियों की बिक्री की, जो बाज़ार में सकारात्मक रुझान का संकेत है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति सुजुकी ने जून में कुल 2,00,390 यूनिट्स बेचीं। इस आंकड़े में घरेलू बाज़ार में बिकीं 1,50,150 गाड़ियां, अन्य वाहन कंपनियों को बेची गईं 7,472 यूनिट्स और 41,768 यूनिट्स का निर्यात शामिल है।
टोयोटा और हुंडई का प्रदर्शन
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने भी बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी ने जून में कुल 31,016 गाड़ियों की बिक्री की, जो पिछले साल इसी महीने में बिकी 28,869 यूनिट्स के मुक़ाबले 7 प्रतिशत ज़्यादा है। TKM की कुल बिक्री में 28,441 यूनिट्स घरेलू बाज़ार की और 2,575 यूनिट्स निर्यात की थीं।
कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, TKM के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स-सर्विस-यूज़्ड कार बिज़नेस) सबरी मनोहर ने कहा, "कंपनी ग्राहकों की मांग पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी नीति से मिली सकारात्मक गति से उत्साहित है।" उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में लॉन्च हुई नई इनोवा क्रिस्टा को बाज़ार से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने जून 2026 में कुल 51,335 गाड़ियां बेचीं, जिसमें घरेलू बाज़ार की 39,635 यूनिट्स और निर्यात की 11,700 यूनिट्स शामिल थीं।
उत्पादन की चुनौती से उबरी हुंडई
हुंडई मोटर इंडिया के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने बताया कि कंपनी ने यह बिक्री एक बड़ी चुनौती के बावजूद हासिल की। उनके एक सप्लायर की मैन्युफैक्चरिंग इकाई में आग लगने से कंपनी को 13,900 यूनिट्स के उत्पादन का नुकसान हुआ था, जिससे कुछ समय के लिए पुर्जों की आपूर्ति रुक गई थी।
उन्होंने कहा कि हुंडई ने तेज़ी से वैकल्पिक स्रोतों से पार्ट्स का इंतज़ाम किया और 22 जून 2026 से अपनी सभी इकाइयों में उत्पादन सामान्य कर लिया। कंपनी को उम्मीद है कि वह इस उत्पादन नुकसान की भरपाई वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक कर लेगी।
इनपुट: IANS



